स्वास्थ्य, पीडब्ल्यूडी के बाद अब कृषि विभाग और सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग में हुए तबादलों में मनमानी का आरोप लगाते हुए सीएम से इसकी शिकायत की गई है। पूरे मामले की जांच की मांग की गई है।
कृषि विभाग को भेजी गई शिकायत में बताया गया है कि संयुक्त कृषि निदेशक जेपी चौधरी 9 साल से मुरादाबाद में तैनात हैं, लेकिन उनका तबादला नहीं किया गया है। वहीं, अयोध्या में एक साल जेडीए रहे आशुतोष मिश्रा का तबादला कर दिया गया। वाराणसी व कानपुर में भी डेढ़-दो साल के बाद ही अधिकारियों को स्थानांतरित कर दिया गया है। इस संबंध में अपर मुख्य सचिव कृषि डॉ. देवेश चतुर्वेदी का कहना है कि सभीतबादले नियमानुसार किए गए हैं। मुरादाबाद के संयुक्त कृषि निदेशक का प्रमोशन प्रस्तावित है। इसलिए उन्हें वहां से हटाया ही जाएगा। अन्य तबादले भी जरूरत के हिसाब से किए गए हैं।
वहीं, सिंचाई व जल संसाधन विभाग की शिकायत के अनुसार 20 फीसदी तक स्थानांतरण का प्रावधान है, लेकिन समूह ख के पांच तथा समूह क के तीन प्रतिशत अधिकारियों के तबादले किए गए हैं। बाढ़ कार्य एवं मलाईदार स्थानों पर छह साल से ज्यादा समय से जमे अधिकारियों को नहीं हटाया गया है। कानपुर में तो एक सहायक अभियंता बीस साल से एक ही खंड में तैनात हैं।
बहराइच में एक सहायक अभियंता 16 साल से तैनात है। कई कर्मचारियों को उनके गृह जिलों में ही स्थानांतरित कर दिया गया है। मुख्य अभियंताओं ने इस तरह से तबादले किए हैं जिनका उन्हें अधिकार ही नहीं है। इस संबंध में विभागाध्यक्ष अशोक कुमार सिंह का कहना है कि तबादले सही हुए हैं। फिर भी शिकायत आएगी तो जांच कराई जाएगी।