पूर्व बसपा सरकार में राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन में अंजाम दिए गए अरबों रुपये के घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय ने तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री बाबू सिंह कुशवाहा के खिलाफ अदालत से गैर जमानती वारंट जारी कराया है। बाबू सिंह के खिलाफ ईडी ने कुछ माह पूर्व दो अलग-अलग मामलों में आरोप पत्र भी दाखिल किया था। सूत्रों के मुताबिक आरोप पत्र दाखिल होने के बाद से बाबू सिंह कुशवाहा पेश नहीं हो रहे थे, जिसकी वजह से उनके खिलाफ वारंट जारी कराया गया है।
बता दें कि बाबू सिंह कुशवाहा और तत्कालीन प्रमुख सचिव स्वास्थ्य प्रदीप शुक्ला को एनआरएचएम घोटाले से जुड़े कई मामलों में सीबीआई ने आरोपी बनाया था। उनके खिलाफ दाखिल किए गए आरोप पत्रों के आधार पर ईडी ने भी मनी लांड्रिंग का केस दर्ज कर जांच शुरू की थी।
ईडी अब तक बाबू सिंह कुशवाहा की करीब 200 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्तियों को जब्त कर चुकी है। वहीं आयकर विभाग ने भी बाबू सिंह की लखनऊ स्थित बंथरा की 35 करोड़ रुपये की बेनामी संपत्ति को हाल ही में जब्त किया है। वहीं दूसरी ओर ईडी ने अलग-अलग मामलों में बीते चार माह में 15 लोगों के खिलाफ गैरजमानती वारंट जारी कराया है। ये सभी ईडी के मुकदमों में अदालत के सामने पेश नहीं हो रहे हैं।