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Lucknow News : नगर निगम ने चिह्नित किए 15 भू-माफिया, घोषित करने के लिए डीएम और कमिश्नर को भेजी जा रही रिपोर्ट

Mon, 12 Jun 2023 11:45 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

उसके बाद भी वह भी डर नहीं रहे हैं और सरकारी जमीन पर कब्जा करने की नियत लगाए हैं। इनमें कई तो ऐसे हैं जिन्होंने नगर निगम की करोड़ों की कीमती जमीन को प्लाटिंग कर बेच डाला है।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सरकारी जमीन कब्जाने और बेचने के मामले में नगर निगम ने 15 भू-माफिया चिन्हित किए हैं। नाम पते केसाथ उनकी पूरी सूची जिलाधिकारी और पुलिस कमिश्नर भेजी जा रही है। यह वह अवैध कब्जेदार जिन्होंने कब्जा हटाने के बाद भी नगर निगम की जमीनों पर कब्जा किया और विवाद भी किया। उनके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज है।

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उसके बाद भी वह भी डर नहीं रहे हैं और सरकारी जमीन पर कब्जा करने की नियत लगाए हैं। इनमें कई तो ऐसे हैं जिन्होंने नगर निगम की करोड़ों की कीमती जमीन को प्लाटिंग कर बेच डाला है। विस्तारित क्षेत्र में सरकारी जमीनों का रिमोट सेंसिंग से सर्वे के बाद यह मामले सामने आए हैं। जिसके बाद नगर निगम ने कार्रवाई भी की। उसके बाद भी भू-माफिया मान नहीं रहे हैं।

सीमा विस्तार केबाद नगर निगम में आए नए 88 गांवों में सरकारी जमीनों पर कब्जा कर बिल्डर कंपनियों और प्रापर्टी डीलरों द्वारा कब्जा कर बेचे जाने के सैकड़ों मामले हैं। विस्तारित क्षेत्र में कितनी जमीन पर कब्जे हैं और कितनी सुरक्षित है इसको लेकर नगर निगम रिमोट सेंसिंग से सर्वे करा रहा है। जिसमें सामने आ रहे जमीन कब्जे के मामलों पर कार्रवाई शुरू की जा रही है। करीब दो महीने में नगर निगम 300 करोड़ से अधिक की कीमत की जमीन से कब्जा हटाया गया है।
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इनमें कई जमीनों पर फिर कब्जेदार कब्जा जमाने की कोशिश में लगे हैं। मलाक , धावा और अलीनगर सुनहर में इसके चलते नगर निगम को कई बार अभियान भी चलाना पड़ा। इसको देखते हुए नगर निगम ने अब ऐसे लोगों को भू-माफिया चिन्हित कर सूची बनाई है। अब उनको भू-माफिया घोषित कराने की के लिए रिपोर्ट सहित पूरी सूची डीएम और पुलिस कमिश्नर को भेजी जा रही है।

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गरूह गांव में दो दिन पहले नगर निगम ने अवैध कब्जे तोड़े हैं। यहां पर दबंगों ने सरकारी जमीन को कब्जा कर बेच डाला। विस्तारित क्षेत्र मेंं आए इस इलाके में लोगों ने कुछ ने मकान बना लिए तो कुछ ने बाउंड्री भी करा ली। जुगाड़ से नगर निगम से हाउस टैक्स भी करवा लिया। अब जब रिमोट सेंसिंग से सर्वे केबाद कार्रवाई शुरू हुई तो हडक़ंप मचा है।

अपर नगर आयुक्त से मिलने आए विवेक कुमार, सूर्य कुमार, उमा देवी, मनेाज कुमार, बालेंद्र कुमार आदि ने बताया कि तेज इंफ्राटेक व कुछ प्रापर्टी डीलारों ने से उन्होंने जमीन खरीदी। उसके बाद नगर निगम में कई साल से टैक्स जमा कर रहे हैं। उनके मकान कई निर्माण बिना नोटिस तोड़ दिए गए और बाकी को भी तोडऩे की चेतावनी नगर निगम ने दी है। अपर नगर आयुक्त अभय पांडेय ने बताया कि शिकायतों को सुना गया है।

जमीन की संयुक्त पैमाइश जिला प्रशासन केसाथ कराए जाने को लेकर आदेश दिया गया है। इसको लेकर समिति बनाने का आदेश भी सम्पत्ति विभाग के प्रभारी अलंकार अग्निहोत्री को दिया गया है। किसी के साथ अन्याय नहीं होगा मगर सरकारी जमीन पर किसी को कब्जा नहीं करने दिया जाएगा।

गलत तरीके से कराए गए हाउस टैक्स की भी जांच कराई जाएगी उसके बाद गलत पाए जाने पर निरस्त भी किया जाएगा। हाउस टैक्स की व्यवस्था ऑनलाइन है ऐसे में वैध दस्तावेज से ऑनलाइन हाउस टैक्स निर्धारण हो जाता है लेकिन यदि कोई गलत दस्तावेज लगाता है तो जांच के बाद उसे निरस्त भी किया जाता है।

किस गांव की जमीन कब्जा करने के मामलें किसको भू-माफिया घोषित करने की तैयारी
जेहटा - सतेंद्र अग्निहोत्री
बरावन कला- हैदर अली
अमौसी- सुरेश रावत, हरीश यादव
कल्ली पश्चिम- श्मशाद, एमआई बेग व विनोद मौर्या
कलिया खेड़ा- हरिशचंद्र यादव, ओम प्रकाश, हीरलाल, रामशंकर, सूरज पाल, रामनाथ, राम आधार
गहरू- अवनीश यादव

सरकारी जमीन को कब्जाने और उसकी प्लाटिंग कर बेचने वाले ऐसे लोगों को भू-माफिया चिन्हित किया गया है जो लोग एफआईओर कराने के बाद भी नहीं मानते हैं। ऐसे लोगों की सूची बन गई है। उसको डीएम और पुलिस कमिश्नर को भेजा जा रहा है ताकि उनको भू-माफिया घेाषित कर दिया जाए।
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अभय पांडेय, अपर नगर आयुक्त प्रशासन

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