जमीयत उलमा ए हिन्द के प्रदेश अध्यक्ष मौलाना अशहद रशीदी ने कहा कि मदरसों की स्थापना हमारा संवैधानिक अधिकार है। उन्होंने कहा कि मदरसों की सुरक्षा के लिये जमीयत उलमा ए हिन्द हर तरह की कुर्बानी देने के लिये तैयार है। बृहस्पतिवार को मौलाना जमीयत उलमा की प्रदेश कार्यकारिणी के कार्यक्रम में संबोधित कर रहे थे।
गैर मान्यता प्राप्त एवं स्वपोषित मदरसों का सर्वे कराने के सरकारी आदेश के बाद टूरियागंज स्थित सुन्नी इंटर कालेज में जमीयत की ओर से आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुये मौलाना रशीदी ने कहा कि मुसलमान निराश न हो बल्कि इतिहास से सबक हासिल करें। उन्होंने कहा कि इतिहास में बड़ी बड़ी ताकतें आई और चली गईं। कुरान की हिफाजत अल्लाह ने अपने जिम्मे ली है और कुरान की शिक्षा देने वाले संस्थानों की हिफाजत अल्लाह पाक खुद करेंगे। मौलाना ने कहा कि मदरसों की सुरक्षा के लिये हमें हर तरह की कुर्बानी देने के लिये तैयार रहना चाहिये। उन्होंने कहा कि हमारा देश एक लोकतांत्रिक देश है जिसमें सभी लोगों को अपना धर्म मानने और प्रचार करने का पूरा अधिकार है।
जमीयत के प्रदेश उपाध्यक्ष मुफ्ती अशफाक अहमद आजमी की अगुवाई में हाजी मुहम्मद फसीह सिददीकी और मुफ्ती अबरार अहमद की तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया। ये कमेटी समाज में शैक्षिक जागरुकता, मदरसों की संपत्ति, लेखा दस्तावेजों को ठीक कराने, वक्फ बोर्ड और सोसाइटी में पंजीकरण के साथ धार्मिक शिक्षा और आधुनिक शिक्षा आदि में मदद करेगी। इस दौरान समाज सुधार के कार्यक्रम को पहले की तरह चलाने, धार्मिक शिक्षा के साथ आधुनिक शिक्षा को बढ़ावा देने, सरकारी योजनाओं के जरिये गरीबों और जरुरतमंदों को मदद देने, मदरसों में कानूनी कमियों को दूर करने के प्रस्तावों को पारित किया गया। कार्यक्रम का संचालन मुफ्ती अशफाक अहमद आजमी ने की।