लखनऊ। चौक क्षेत्र में इमामबाड़ा के पीछे लगने वाली अवैध फूल मंडी ढहाई जा चुकी है, लेकिन विवाद अभी भी खत्म नहीं हुआ है। सोमवार को अवैध तरीके से लगने वाली दुकानों को पुलिस ने हटवाया और सरकार की तरफ से तय जगह किसान बाजार में जाने को कहा। वहीं, किसान और व्यापारी किसान बाजार तक पहुंचने में परिवहन की समस्या बता रहे हैं।
चौक क्षेत्र में हुसैनाबाद ट्रस्ट की जमीन पर लगने वाली अवैध फूल मंडी को दो माह पहले ढहाकर व्यापारियों को किसान बाजार गोमतीनगर में स्थान दिया गया था। मंडी सचिव रेनू ने बताया कि इसके बाद भी अवैध तरीके से फूल मंडी चलाने वाले कुछ लोग किसान बाजार जा रहे किसानों को जबरन चौक ले आते हैं। इन्हें रोकने की कोशिश की जा रही है। उधर, फूल व्यापारी अयाज का कहना है कि जो किसान या व्यापारी किसान बाजार नहीं जाना चाहते, उन्हें मजबूर किया जा रहा है। पुलिस ने दो किसानों को पीटा भी है। किसान बाजार जाने में सबसे बड़ी समस्या परिवहन की है।
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अब व्यापारी भी अवैध मंडी के खिलाफ
अब किसान बाजार के व्यापारी भी अवैध फूल मंडी के खिलाफ हो गए। किसान बाजार में फूलों का कारोबार करने वाले व्यापारी बृजेंद्र गौड़, मुन्ना व संजीव कश्यप ने बताया कि हुसैनाबाद ट्रस्ट की जमीन पर एक परिवार अवैध तरीके से मंडी लगवाकर व्यापारियों व किसानों से वसूली कर रहा है। अवैध मंडी से भी वह परिवार 6000 रुपया मासिक किराया लेता है और किसानों से कमीशन भी। संजीव कश्यप का कहना है कि वर्ष 2001 में 40 हजार में दुकान ली थी, 6000 का मासिक किराया भी दिया। अब किसान बाजार में आ चुके हैं। यहां बेहतर सुविधाएं हैं और किसान भी आ रहा है। यहां व्यापारी 10 प्रतिशत आढ़त का कमीशन लेते हैं, जबकि जबकि 1.5 प्रतिशत मंडी शुल्क है जो कि सरकार को जाता है।
पुलिस का ले रहे सहयोग
मंडी परिषद सचिव रेनू का कहना है कि अवैध तरीके से फूल मंडी लगवाई जा रही है। किसानों को बरगलाया जा रहा है। 80 फीसदी किसान व व्यापारी गोमतीनगर पहुंच चुके हैं। जो बचे हैं उन्हें भी शिफ्ट कराया जाना है। पुलिस बल का सहयोग लिया जा रहा है। मंडी के समय सुबह 5 से 9 बजे तक पुलिस बल तैनात कर नियमों के उल्लंघन को रोका जाएगा।