माई सिटी रिपोर्टर
लखनऊ। मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ऑफ इंडिया के महासचिव डॉ. मोइन खान ने कहा कि मुसलमानों को कपड़ों से पहचानने वालों को अब वोट से जवाब मिलेगा। उन्होंने कहा कि मुसलमान अपनी राजनीतिक समझ और संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूक हैं।
उन्होंने कहा कि धर्म और बाहरी पहचान के आधार पर मुसलमानों को अलग-अलग खांचों में बांटना अब स्वीकार्य नहीं है। समानता, धार्मिक स्वतंत्रता और सुरक्षा की अनदेखी करने वाली राजनीतिक ताकतों को जनता लोकतांत्रिक तरीके से जवाब देगी।
डॉ. खान ने कहा कि ईरान का वैश्विक दबाव के बावजूद राष्ट्रीय हितों पर कायम रहना और अफगानिस्तान का अनुभव बताता है कि ताकत के बल पर किसी देश को अपनी इच्छा के मुताबिक नहीं चलाया जा सकता। उन्होंने वैश्विक ताकतों के दोहरे रवैये पर सवाल उठाते हुए बर्मा, नाइजीरिया और सूडान के मानवीय संकट पर भी समान गंभीरता से कार्रवाई की मांग की।