लखनऊ। ग्रीन कॉरिडोर निर्माण के दौरान स्मृति वाटिका चौक से हटाई गई पूर्व मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी की पत्नी स्वर्गीय डा. सुशीला तिवारी प्रतिमा की प्रतिमा करीब छह महीने बाद फिर से लग लग गई है। कॉरिडोर का लोकार्पण होने के बाद भी प्रतिमा न लगाए जाने को लेकर अमर उजाला ने बीती आठ मई को इसको लेकर प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी, जिसके बाद अब एलडीए ने प्रतिमा को दोबारा उसी चौराहे पर लगवा दिया है।
करीब तीस साल पहले गोमती नदी के निशातगंज पुल के एक छोर पर बने स्मृति चौक पर पूर्व मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी की पत्नी डा. सुशीला तिवारी की प्रतिमा लगाई गई थी। ग्रीन कॉरिडोर का चौराहा बनाने के चक्कर में करीब छह महीने पहले उसे हटा दिया। यह कहा गया जब नया चौराहा बनेगा तो प्रतिमा लगा दी जाएगी। मार्च में ग्रीन कॉरिडोर और चौराहे का लोकार्पण भी हो गया मगर प्रतिमा नहीं लगाई गई थी। जिसको लेकर अब कई तरह की चर्चाएं भी शुरू हो गईं थीं। कहा जा रहा था कि कि जिस दल से उनका परिवार जुड़ा था उससे इस समय के दल का तालमेल ठीक नहीं है। ऐसे में प्रतिमा को दोबारा नहीं लगाया गया। प्रतिमा लगाए जाने की मांग को लेकर प्रदेश महिला कांग्रेस की मध्य जोन की अध्यक्ष व कांग्रेस पार्षद दल नेता ममता चौधरी और कांग्रेस पूर्व प्रदेश सचिव व पार्षद मुकेश सिंह चौहान ने सवाल उठाया कि जब चौराहा बन गया और लोकार्पण भी हो गया तो प्रतिमा क्यों नहीं लगाई गई, इससे साफ है कि शासन प्रशासन प्रतिमा को लगने नहीं देना चाहता है। उन्होंने एलडीए से दोबारा से प्रतिमा लगाए जाने की मांग भी की थी। इसके बाद एलडीए ने ग्रीन कॉरिडोर के निशातगंज चौराहा (स्मृति चौक) फिर से डा. सुशीला तिवारी की प्रतिमा लगा दी है।