पतंगबाजों से मेट्रो प्रशासन की अपील, कॉरिडोर के पास न उड़ाएं
मेट्रो में बाधा पड़ने पर हो सकती है 10 वर्ष की सजा
माई सिटी रिपोर्टर
लखनऊ। पतंग के चलते कई बार मेट्रो का परिचालन प्रभावित हो चुका है। इसको ध्यान में रखते हुए मेट्रो प्रशासन ने पतगबाजों से अपील की है वह मेट्रो कॉरिडोर के आसपास पतंग न उडाएं। पतंग से मेट्रो का संचालन बाधित होने पर दोषी को 10 वर्ष की सजा भी हो सकती है।
उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कारपोरेशन की ओर से जारी अपील में कहा गया है कि कई जब चीनी मांझा अथवा तार बंधी पंतग मेट्रो के ओवर हेड इलेक्ट्रिफिकेशन (ओएचई) के संपर्क में आती है तो शार्ट सर्किट होता है। जिसे मेट्रो का संचालन प्रभावित होता है। कई बार ऐसा हो चुका है। इसके अलावा ऐसी घटनाओं में पतंग उड़ाने वाले व्यक्तियों के घायल होने के मामले भी सामने आए हैं। ऐसे में लोगों से अपील है कि वह मेट्रो कॉरिडोर के आसपास पतंग न उड़ाएं। जो नहीं मानेंगे उनके खिलाफ मेट्रो संपत्ति को क्षति पहुंचाने पर मेट्रो रेलवे अधिनियम 2002 की धारा 78 के तहत बिना वारंट के 10 वर्ष तक के कारावास का प्रावधान है।