महापौर का आरोप दो वर्ष बीतने के बाद भी नगर आयुक्त ने नहीं किया सदन के फसलों पर अमल
लखनऊ। नगर निगम लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल ने कहा कि सामान्य सदन और विशेष बैठकों में वर्ष 2023 से 2025 तक लिए गए कई महत्वपूर्ण निर्णयों पर अब तक नगर निगम प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की । इससे विकास कार्यों, नागरिक सुविधाओं और प्रशासनिक पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं।
महापौर ने कहा कि नगर निगम की सामान्य सदन की स्थगित बैठक दिनांक 13 अगस्त 2023 में पारित कई प्रस्ताव आज तक लंबित हैं। संकल्प संख्या 06 के अंतर्गत आलमनगर वार्ड, राजा नगर में खसरा संख्या 1083 पर कल्याण मण्डप निर्माण हेतु प्रस्ताव रखा गया था, जिसे हुडको की सीएसआर निधि से पूरा किया जाना था। यह प्रस्ताव बहुमत से स्वीकृत हुआ, किंतु अब तक निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं हुआ।
संकल्प संख्या 09 में नगर निगम के 110 वार्डों की भूमि पर हुए अवैध अतिक्रमणों को हटाने और उन्हें वार्डवार सूचीबद्ध कर सदन में प्रस्तुत करने का निर्णय लिया गया था। निर्णय के बावजूद न तो सूची तैयार की गई, न ही किसी स्तर पर कार्रवाई दिखी।
संकल्प संख्या 19 के अंतर्गत नगर निगम कर्मचारियों के आश्रितों (पत्नी/पुत्र) को भी भवनकर और जलकर में छूट देने का निर्णय लिया गया था। यह प्रस्ताव भी अब तक लागू नहीं हुआ।
इसी बैठक में संकल्प संख्या 22 में गऊघाट स्थित पार्क का नामकरण “संत गाडगे पार्क” किए जाने का निर्णय लिया गया था, जबकि संकल्प संख्या 29 में शहीद लेफ्टिनेंट कमांडर रजनीकांत यादव के सम्मान में लोहियानगर वार्ड की सड़क का नामकरण और द्वार निर्माण का निर्णय लिया गया था। दोनों ही प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित हुए, लेकिन धरातल पर कोई प्रगति नहीं दिखी।
इसी बैठक में जलकल विभाग से संबंधित संकल्प संख्या 32, 33 और 34 में जलकल कर्मचारियों को छूट, भत्ते और अवकाश भुगतान के संबंध में निर्णय लिए गए थे। मुख्य वित्त अधिकारी और मुख्य लेखा परीक्षक की संयुक्त समिति को रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए थे लेकिन अब तक आख्या सदन में प्रस्तुत नहीं हुई। 23 नवंबर 2023 को आयोजित नगर निगम की विशेष बैठक (पुनरीक्षित बजट वर्ष 2023-24) में संकल्प संख्या एक के तहत निर्णय लिया गया था कि मल्टीप्लेक्स सिनेमाघरों से प्रति शो शुल्क 25 रूपये से बढ़ाकर 100 रूपये प्रति शो वसूला जाएगा।
यह निर्णय निगम की आय में वृद्धि के उद्देश्य से लिया गया था, परंतु अब तक इसका कार्यान्वयन नहीं हो पाया है।
==
अमृत 2.0 परियोजना भी अटकी
30 अगस्त 2024 की सामान्य बैठक (स्थगित होकर 02 सितंबर 2024) में पारित संकल्प संख्या 57 के तहत अमृत 2.0 कार्यक्रम के अंतर्गत डिस्ट्रिक्ट-2 पार्ट-1 सरोजनी नगर और ग्राम अमौसी क्षेत्र में एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) निर्माण हेतु भूमि उपलब्ध कराए जाने का निर्णय लिया गया था। यह निर्णय लखनऊ की सीवरेज प्रणाली को सशक्त बनाने की दिशा में था, किंतु एक वर्ष बीतने के बावजूद भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया प्रारंभ नहीं की गई है।
==
सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए कर छूट पर भी अमल नहीं
15 अप्रैल 2025 को हुई विशेष बैठक (मूल बजट वर्ष 2025-26) में अन्य प्रस्ताव-01 के तहत यह निर्णय लिया गया था कि नगर निगम लखनऊ (जलकल विभाग सहित) के अधिकारी/कर्मचारी, सेवानिवृत्त अधिकारी/कर्मचारी और उनके आश्रित, यदि निगम सीमा के भीतर एक मात्र आवासीय भवन में स्वयं निवास कर रहे हों, तो उन्हें भवन कर, जलकर और सीवर कर से छूट प्रदान की जाएगी। यह प्रस्ताव बहुमत से पारित हुआ, परंतु छह माह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी नगर निगम ने इसे लागू नहीं किया।