मेरठ की घटना का असर
महापौर और नगर आयुक्त ने किया गौशालाओं का निरीक्षण
व्यवस्थाओं को देखा, बेहतर रखने के दिए निर्देश
निरीक्षण में सही मिला रखरखाव व सुविधाएं
माई सिटी रिपोर्टर
लखनऊ। मेरठ कान्हा उपवन मामले में कार्रवाई का असर लखनऊ में भी रहा। यहां पर महापौर सुषमा खर्कवाल व नगर आयुक्त गौरव कुमार ने बुधवार को कान्हा उपवन और राधा उपवन गौशाला का निरीक्षण किया। हालांकि प्रदेश में मॉडल के तौर विकसित किए गए कान्हा उपवन में व्यवस्थाएं दुरुस्त मिलीं। जिन्हें इसी तरह बनाए रखने के निर्देश महापौर और नगर आयुक्त की ओर से दिए गए।
मेरठ में कान्हा उपवन की अव्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री ने नाराजगी जताई और उसके बाद वहां पर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई हुई। जिसकी हलचल नगर निगम में भी रही। यहां पर भी नगर आयुक्त गौरव कुमार ने इंदिरा नगर के जरहरा स्थित राधा उपवन गौशाला एवं नादरगंज स्थित कान्हा उपवन गौशाला का निरीक्षण किया गया। इस अवसर पर इंदिरा प्रियदर्शिनी वार्ड के पार्षद प्रतिनिधि राम कुमार वर्मा, अपर नगर आयुक्त डॉ. अरविंद कुमार राव, पशु कल्याण अधिकारी डॉ. अभिनव वर्मा सहित नगर निगम के कई अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे। निरीक्षण के दौरान दोनों गौशालाओं में 10 हजार से अधिक गोवंशों के रखरखाव, चारा-पानी, चिकित्सा, सफाई तथा सुरक्षा की व्यवस्थाओं को देखा गया। नगर आयुक्त ने कुत्ता बंध्याकरण केंद्र व ट्रेनिंग सेंटर की प्रगति समीक्षा भी और जल्द काम पूरा करने के निर्देश दिए।
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व्यवस्थाएं मिली दुरुस्त
महापौर व नगर आयुक्त ने बताया कि निरीक्षण में गोवंश हेतु पर्याप्त मात्रा में हरा चारा, भूसा एवं चुनी-चोकर की उपलब्धता है। स्वच्छ पेयजल, जल निकासी, सीसीटीवी कैमरों की निगरानी, सफाई व्यवस्था, ठोस अपशिष्ट निस्तारण, दवा एवं उपचार की सुविधा, ईयर टैगिंग व टीकाकरण, बीमार गोवंशों हेतु विशेष चिकित्सा व्यवस्था, शेड, तथा मॉनसून के अनुसार बालू व राख की व्यवस्था जैसी सभी आवश्यक व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं। निरीक्षण के दौरान यह भी सुनिश्चित किया गया कि छोटे एवं बड़े गोवंशों के लिए भोजन व्यवस्था अलग-अलग हो, तथा उन्हें आवंटित स्थान के अनुसार न्यूनतम स्थान, दवाएं और देखरेख समयबद्ध तरीके से की जाए।
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महापौर ने कान्हा उपवन में पढ़ रहे बच्चों से की बात
निरीक्षण के दौरान महापौर ने कान्हा उपवन विद्यालय का भी निरीक्षण किया। वहां पढ़ रहे बच्चों से बातचीत कर उन्हें प्रोत्साहित किया। उन्होंने नगर आयुक्त को निर्देशित किया कि विद्यालय में पढ़ रहे बच्चों के लिए नि.शुल्क शिक्षा के साथ-साथ निशुल्क स्टेशनरी सामग्री की भी समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, जिससे कोई भी बच्चा संसाधनों के अभाव में पढ़ाई से वंचित न रह सके।