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Lucknow News: कैंसर संस्थान में अब महज पांच दिन में बायोप्सी की जांच रिपोर्ट मिलेगी, राहत

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कैंसर संस्थान में अब महज पांच दिन में बायोप्सी की जांच रिपोर्ट मिलेगी, राहत
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संस्थान में डिजिटल पैथोलॉजी लैब स्थापित हुई, आंकोपैथोलॉजी विभाग का स्थापना दिवस मना

माई सिटी रिपोर्टर

लखनऊ। चक गंजरिया स्थित कैंसर संस्थान में 2.16 करोड़ रुपये की लागत से
डिजिटल पैथोलॉजी लैब स्थापित की गई है। इस लैब में बायोप्सी की जांच महज
पांच दिन में हो सकेगी। अभी आठ से 10 दिन बाद बायोप्सी की रिपोर्ट आती थी।
यह जानकारी ऑन्कोपैथोलॉजी विभाग की अध्यक्ष डॉ. दीप्ति मिश्रा ने दी।
मंगलवार को कैंसर संस्थान में आंकोपैथोलॉजी विभाग का स्थापना दिवस समारोह
मना। डिजिटल पैथोलॉजी लैब का शुभारंभ संस्थान के निदेशक डॉ. एमएलबी भट्ट ने किया।

निदेशक ने कहा कि समय पर जांच रिपोर्ट मिलने से इलाज की राह आसान होगी।
कैंसर में एक-एक दिन इलाज के लिए अहम है। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. वरुण विजय
ने बताया कि डिजिटल तकनीक से नमूनों की जांच और रिपोर्ट तैयार करने की
प्रक्रिया तेज होगी। इससे जांच में देरी कम करने, गलतियों की आशंका घटाने
और अधिक नमूनों की जांच करने में मदद मिलेगी। ऑन्कोपैथोलॉजी विभाग की
अध्यक्ष डॉ. दीप्ति मिश्रा ने कहा कि नई सुविधा के तहत पैथोलॉजी स्लाइड की
उच्च गुणवत्ता वाली डिजिटल तस्वीरें संस्थान के विशेषज्ञों के साथ दूसरे
चिकित्सा केंद्रों के विशेषज्ञों को भी तत्काल भेजी जा सकेंगी। इससे जटिल
कैंसर मामलों में विशेषज्ञों की राय और दूसरी चिकित्सकीय राय जल्द मिल
सकेगी। भौतिक स्लाइड एक स्थान से दूसरे स्थान तक भेजने की जरूरत भी कम
होगी। उन्होंने कहा कि डिजिटल तस्वीरों को लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा
सकेगा। इससे पुराने मामलों की रिपोर्ट और नमूनों का दोबारा अध्ययन करना
आसान होगा। ग्रामीण और दूरदराज के मरीजों को भी इसका लाभ मिलने की उम्मीद
है। स्वास्थ्य केंद्रों से कोशिकाओं के नमूने डिजिटल माध्यम से संस्थान
भेजे जा सकेंगे। जिससे मरीजों को बार-बार लखनऊ आने की जरूरत कम हो सकती है।
इस मौके पर पीजीआई के पैथोलॉजी विभाग के प्रोफेसर व डीन डॉ. मनोज जैन ने
कैंसर पैथोलॉजी में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के प्रयोग, चुनौतियां एवं
भविष्य की संभावनाओं पर व्याख्यान दिया। कार्यक्रम केजीएमयू की पूर्व
प्रतिकुलपति डॉ. मधुमति गोयल, सीएमएस व न्यूरोसर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ.
विजेंद्र कुमार, डीन डॉ. प्रमोद कुमार गुप्ता और कार्यकारी रजिस्ट्रार डॉ.
आयुष लोहिया भी मौजूद रहे। आयोजन सचिव डॉ. श्रेष्ठा घोष और संयुक्त आयोजन
सचिव डॉ. प्रियंका समीर कार्यक्रम में मौजूद रहीं।
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