चार माह में पांच चिठ्ठी फिर भी बयान देने नहीं आ रहा डॉक्टर
- ऑक्सीजन हॉस्पिटल में बच्चे की मौत का मामला, एडी मंडल ने साक्ष्य व
बयान न देने पर कार्रवाई किया था संस्तुति
माई सिटी रिपोर्टर
लखनऊ। ठाकुरगंज स्थित ऑक्सीजन हॉस्पिटल में बच्चे की मौत की जांच चार माह
से अटकी है। अस्पताल संचालक अफसरों को जांच के लिए साक्ष्य तक नहीं दे रहे
हैं। एडी मंडल व सीएमओ ऑफिस से अस्पताल को चार माह में पांच दफा चिट्ठी
जारी की गई। इसके बाद भी न डॉक्टर बयान दर्ज कराने आया और न ही मरीज के
इलाज से जुड़े साक्ष्य दिए गए। अंतिम नोटिस जारी होने के बाद भी संचालक ने
साक्ष्य नहीं दिए। इसके बाद भी अफसर हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं।
मालूम हो कि, ठाकुरगंज के मुफ्तीगंज निवासी जियान (3) की ऑक्सीजन हॉस्पिटल
में इलाज के दौरान 21 जुलाई को मौत हो गई थी। परिजनों ने इलाज में लापरवाही
और वसूली का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई थी। मामले की जांच पहले एडी
मंडल ने शुरू किया। नोटिस जारी करके डॉक्टर को बयान दर्ज करने के लिए
बुलाया। डॉक्टर बीमारी का बहाना बताकर गायब हो गया। दो माह के इंतजार के
बाद एडी मंडल ने सीएमओ को पत्र भेजकर कार्रवाई के निर्देश दिए थे। सीएमओ
ऑफिस से पहली चिट्ठी 23 जुलाई, दूसरी 25 जुलाई, 14 व 17 अक्तूबर को जारी
हुई। अस्पताल का डॉक्टर व संचालक साक्ष्य के संग कमेटी के सामने पेश नहीं
हुए। ऐसे में अफसरों ने पांचवी चिट्ठी जारी करके 14 नवंबर को सीएमओ
कार्यालय में तलब किया था। इसके बाद भी संचालक व डॉक्टर नहीं आए। चार माह
में पांच-पांच चिट्ठी जारी होने के बाद भी अस्पताल संचालक नहीं आया। ऐसे
में जांच आगे नहीं बढ़ सकी है। अफसर अस्पताल पर नकेल कसने की बजाय उसे
मोहलत दे रहे हैं। आरोप है अफसरों ने अस्पताल संचालक से सांठगांठ किया है।
सीएमओ डॉ. एनबी सिंह का कहना है सोमवार तक अस्पताल संचालक व डॉक्टर नहीं आए
तो अस्पताल संचालन पर रोक लगाई जाएगी।