माई सिटी रिपोर्टर
लखनऊ।
कोडिन कफ सिरप को फर्जी तरीके से बिल बनाकर मेडिकल स्टोर संचालकों को बेचने मामले में एफएसडीए ने अमीनाबाद कोतवाली में श्री श्याम फार्मा के मालिक विशाल चौरसिया के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। इस फर्म पर एफएसडीए ने करीब एक सप्ताह पहले छापा मारा था। वहां से मिले रिकॉर्ड के आधार पर ही एफएसडीए के अफसरों ने जांच पड़ताल की। सुलतानपुर के एक दुकानदार के यहां पड़ताल में यह बात सामने आई कि अमीनाबाद के फर्म मालिक ने गलत तरीके से बिल बनाकर आपूर्ति दर्शायी थी, जबकि दुकानदार को कोडिन सिरप बेचा ही नहीं गया था। श्री श्यामा फार्मा की ओर से गलत तरीके से नशे का सिरप नशेड़ियों को बेचा जा रहा था। इस मामले में अभी और मुकदमें भी दर्ज किए जा सकते हैं।
एफएसडीए के सहायक आयुक्त ब्रजेश कुमार ने टीम के साथ 12 अक्तूबर को लखनऊ, रायबरेली व सीतापुर में समेत 10 जगह पर छापा मारा। इस दौरान कई फर्म संचालक शटर बंद करके भाग गए। टीम ने फर्म संचालकों को फोन करके कफ सिरप खरीद से जुड़े दस्तावेज तलब किए थे। जांच दौरान गड़बड़ी मिलने पर अमीनाबाद ओल्ड मेडिसिन मार्केट स्थित श्री श्याम फार्मा के यहां छापेमारी की थी। जांच के दौरान मेडिकल स्टोर बंद मिला। टीम ने स्टोर को सील कर दिया था।
ब्रजेश कुमार ने बताया कि कोडिंग युक्त दवा ट्रांसपोर्ट नगर के ईदीका लाइफ साइंसेज से अभिलेख प्राप्त किया था। इस कार्रवाई में ही श्री श्याम फार्मा अमीनाबाद पर छापेमारी की गई थी। छापे के दौरान फर्म बंद थी। प्रोपराइटर को फोन करके सूचना दी गई, लेकिन वह उसके बाद भी साक्ष्य समेत प्रस्तुत नहीं हुए। जांच में पाया गया कि श्री श्याम फार्मा की ओर से भारी मात्रा में कोडिन युक्त सिरप सुलतानपुर की फर्म विनोद फार्मा को बेचा गया था, जिसकी जब जांच की गई तो विनोद फार्मा के संचालक ने बताया कि उक्त दवा उनके द्वारा खरीदी ही नहीं गई। इसकी जांच के लिए सुलतानपुर के ड्रग इंस्पेक्टर ने बिल का सत्यापन किया। विनोद फार्मा के पास कोई अभिलेख नहीं मिला। इस तरह से पुष्टि हुई कि श्री श्याम फार्मा के प्रो. विशाल चौरसिया ने फर्जी बिल तैयार करके अवैध रूप से कोडिन सिरप को नशे में इस्तेमाल में लाने के लिए बेचा जा रहा है। अमीनाबाद कोतवाली में प्रोपराइटर विशाल चौरसिया के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है।