हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने सामूहिक दुष्कर्म के आरोपों वाले एक मामले में बाराबंकी के एसपी को आदेश दिया कि केस की तफ्तीश आठ हफ्ते में पूरी करवाकर रिपोर्ट संबंधित अदालत में पेश किया जाना सुनिश्चित कराएं।
न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति सरोज यादव की खंडपीठ ने सोमवार को यह आदेश सामूहिक दुष्कर्म केस की वादी महिला की याचिका पर दिया। याची ने इस केस को स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच के लिए जिला बाराबंकी की कोतवाली से अन्य पुलिस थाने को स्थानांतरित किए जाने की गुजारिश की थी। जिससे उसको न्याय मिल सके। याची के अधिवक्ता का कहना था कि याची वर्तमान मामले की परिवादी है। उसने 29 जून 2022 को दो आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी लेकिन आज तक केस की विवेचना पूरी नहीं हुई है।
उधर, सरकारी वकील ने भी तफ्तीश न पूरी होने के तथ्य पर विवाद नहीं किया। कोर्ट ने तथ्यों और परिस्थितियों पर गौर करने के बाद मामले के विवेचक को इसकी तफ्तीश समाप्त करके धारा 173 (2) सीआरपीसी के तहत सक्षम अदालत के समक्ष आठ हफ्ते में पुलिस रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। साथ ही बाराबंकी के एसपी को इस अवधि के भीतर आदेश का जल्द अनुपालन सुनिश्चित करवाने को कहा है। इस आदेश के साथ कोर्ट ने याचिका निस्तारित कर दी।