इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने प्रदेश की हर ग्राम पंचायत में रोज राष्ट्रीय ध्वज फहराने के आग्रह वाली जनहित याचिका पर 11 से 17 अगस्त तक ग्राम पंचायतों को तिरंगा फहराने की अनुमति दी है। कोर्ट ने कहा की इस अवधि में मुख्य सचिव के सर्कुलर के तहत ग्राम पंचायतें आजादी का अमृत महोत्सव मनाते हुए राष्ट्रीय ध्वज फहरा सकती हैं। कोर्ट ने मामले में सरकारी वकील को 22अगस्त तक प्रदेश के संस्कृति व पंचायती राज विभाग से निर्देश लेने को कहा है।
न्यायमूर्ति देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति रजनीश कुमार की खंडपीठ ने यह आदेश स्थानीय अधिवक्ता चंद्र भूषण पांडेय की याचिका पर दिया। याची का कहना था किए चूंकि ग्राम पंचायतें सांविधानिक हैसियत रखती हैं, ऐसे में सरकार को ग्राम पंचायत भवनों में रोज राष्ट्रीय ध्वज फहराने की इजाजत देनी चाहिए। क्योंकि ये संबंधित कानून के तहत ‘महत्वपूर्ण लोक भवनों’ की श्रेणी में आते हैं।
इस पर अदालत ने सरकारी वकील को पक्ष पेश करने को 22 अगस्त तक प्रदेश के संस्कृति व पंचायतीराज विभागों से निर्देश लेने को कहा है। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 22 अगस्त को नियत कर आदेश दिया कि इस बीच 11 से 17 अगस्त तक ग्राम पंचायतों को तिरंगा फहराने की अनुमति दी जाती है जो इस अवधि में मुख्य सचिव के गत 1 जून के सर्कुलर के तहत आजादी का अमृत महोत्सव मनाते हुए राष्ट्रीय ध्वज फहरा सकती हैं। उधर, सरकारी वकील ने कहा कि आजादी का अमृत महोत्सव के दौरान हर घर तिरंगा कार्यक्त्रस्म के तहत 11 से 17 अगस्त तक हर घर में राष्ट्रीय ध्वज फहराए जाने को कहा गया है। इसके तहत ग्राम पंचायत भवनों में भी इस अवधि में तिरंगा फहराया जाएगा।