बिक्रीकर अधिकारी को पीटने और जानमाल की धमकी देने के मामले में व्यापारी नेता व पूर्व राज्य सभा सांसद बनवारी लाल कंछल को एमपी-एमएलए कोर्ट ने दोषी करार देते हुए दो साल की जेल की सजा सुनाई है। एसीजेएम अंबरीष कुमार श्रीवास्तव की कोर्ट ने कंछल पर 5 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। दोषी ठहराए जाने पर पूर्व सांसद बनवारी लाल कंछल की ओर से प्रोवेशन (परिवीक्षा) का लाभ देकर छोड़ने की अपील की गई। कोर्ट ने कंछल को प्रोवेशन पर छोड़ने से इंकार कर दिया।
कोर्ट ने कहा कि दोषी पूर्व राज्य सभा सांसद के साथ ही एक व्यापारी नेता भी है। ऐसे चर्चित व्यक्ति को प्रोवेशन का लाभ दिए जाने पर जन समुदाय में न्यायपालिका को लेकर गलत भाव पैदा होगा। इसके बाद दोषी बनवारी लाल कंछल की ओर से अदालत में एक प्रार्थनापत्र देकर जमानत पर रिहा करने की अपील की गई। कोर्ट ने उनकी अर्जी स्वीकार करते हुए 20-20 हजार रुपये की दो जमानत एवं मुचलका दस दिनों में कोर्ट में दाखिल करने का आदेश दिया।
सहायक अभियोजन अधिकारी सोनू सिंह राठौर ने बताया कि इस मामले की रिपोर्ट तात्कालिक बिक्रीकर अधिकारी अरुण कुमार त्रिपाठी ने 6 अक्टूबर 1991 को हजरतगंज थाने में दर्ज कराई थी। इसमें बताया गया कि दोपहर बाद जब मीराबाई मार्ग परिसर स्थित कार्यालय में राजकीय कार्य कर रहा था, तभी आरोपी बनवारी लाल कंछल ने अपने साथियों के साथ पहुंचकर उनसे अभद्रता करने के साथ मारपीट की। साथ ही धमकाया कि रोड चेकिंग कर लखनऊ में माल से लदी गाड़ियां पकड़ना बंद कर दो। बताया गया कि इसके पहले भी आरोपियों ने सचल दल कार्यालय पहुंचकर बिक्रीकर अधिकारी डीसी चतुर्वेदी के साथ गाली गलौज की थी तथा कार्यालय में रखी हुई कुर्सियां तोड़कर राजकीय कार्य में व्यवधान पैदा कर अफसरों व कर्मचारियों को डराया धमकाया था। अभियोजन पक्ष की ओर से इस मामले में वादी सहित पांच गवाह पेश किए गए।