प्रदेश में बिजली खपत का हर दिन रिकॉर्ड टूट रहा है। रविवार रात खपत 28043 मेगावाट तक पहुंच गई। सोमवार देर रात इसके 29 हजार के आसपास पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। पावर कॉरपोरेशन इतनी मांग के बाद भी उपभोक्ताओं को पर्याप्त बिजली देने का दावा कर रहा है, जबकि उपभोक्ता परिषद का कहना है कि बिजली कटौती का दौर बढ़ता जा रहा है। उपभोक्ता उमसभरी गर्मी में परेशान हैं।
प्रदेश में जून माह में 27611 मेगावाट खपत का रिकॉर्ड बना। फिर 22 जुलाई को विद्युत मांग 27622 मेगावॉट तक पहुंच गई । ऐसे में पावर कॉरपोरेशन की ओर से अधिकतम 28 हजार मेगावाट तक बिजली खपत होने की बात कही गई थी, लेकिन अब यह आंकड़ा टूट गया है। हालत यह है कि रविवार रात 10 बजकर 42 मिनट पर अधिकतम मांग 28043 मेगावाट पहुंच गई। यह 29 हजार मेगावाट तक जा सकती है। क्योकि सोमवार दोपहर 1.30 बजे अधिकतम मांग 25050 मेगावाट तक पहुंच चुकी, जो रविवार की अपेक्षा दिन में ही 1200 मेगावाट अधिक है। ऐसा हुआ तो प्रदेश के उपभोक्ताओं को फजीहत झेलनी पड़ेगी। क्योंकि प्रदेश में ट्रांसमिशन की क्षमता 28 300 के करीब ही है। ऐसे में खपत बढ़ने पर क्षेत्रवार कटौती होना तय है। विभागीय रिपोर्ट में ग्रामीण इलाके में करीब 49 मिनट, नगर पंचायत में 30 मिनट और बुदेलखंड में 30 मिनट की रोस्टिंग की जा रही है। लोकल फाल्ट का दबाब बराबर बना हुआ है।
प्रबंधन से बेहतर हुई व्यवस्था : देवराज
प्रदेश में बिजली की खपत बढ़ते ही कटौती शुरू हो गई है। इसके बाद भी विभाग का दावा है कि उपभोक्ताओं को पर्याप्त बिजली मिल रही है। पावर कॉरपोरेशन अध्यक्ष एम देवराज ने बताया कि पूर्व में उपलब्धता के बेहतर प्रबंधन के कारण प्रदेश में विभिन्न स्त्रोत से पर्याप्त विद्युत उपलब्धता बनी हुई है। शिड्यूल के हिसाब से बिजली आपूर्ति की जा रही है। कुछ स्थानों पर लोकल फाल्ट की शिकायतें आई हैं, जिन्हें दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों को निर्देशित किया है कि आपूर्ति व्यवस्था बाधित ना हो ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हों तो उन्हें अति शीघ्र बदला जाए। ट्रॉली ट्रांसफार्मर रिजर्व में उपलब्ध रहे। अधिकारी अपना फोन उठाएं साथ ही 1912 पर आ रही सूचना या शिकायतों का निस्तारण सुनिश्चित करें। उन्होंने विद्युत उपभोक्ताओं से भी अपील की है कि वे अपना विद्युत बिल समय से जमा करें। ऐसा कोई नियम विरुद्ध कार्य ना करें, जिससे विद्युत व्यवस्था संचालन में नकारात्मक प्रभाव पड़े।
उपभोक्ता परिषद का दावा निकाल सच : वर्मा
उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि पावर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन ने बिजली खपत का अनुमान 27531 मेगावाट लगाया था, जबकि परिद ने 28000 मेगा वाट से अधिक मांग होने की बात कही थी। उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद की तरफ से विद्युत नियामक आयोग में 21 अप्रैल 2023 को लिखित आपत्ति की गई थी। इसमें कहा गया था कि इस बार बिजली की डिमांड 28 हजार मेगावाट को पार करेगी। इसी के आधार पर नेटवर्क को मजबूत करने की मांग की थी। ताकि मांग बढ़े तो 3.30 करोड़ उपभोक्ताओँ को संकट न झेलना पड़े। इसके बाद भी पावर कॉरपोरेशन ने ध्यान नहीं दिया। पावर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन के निदेशक कामर्शियल और प्लानिंग ने उपभोक्ता परिषद की आपत्ति पर विद्युत नियामक आयोग में लिखित जवाब दाखिल किया था कि वर्ष 2023 -24 में अधिकतम मांग 27531 मेगावाट जाएगी।