उड़ीसा, पश्चिम बंगाल और झारखंड से उत्तराखंड के लिए ले जाए जा रहे लोहे की सिल्लियों और अन्य लौह अयस्कों को उत्तर प्रदेश में ही बेच दिया जाता था और उत्तर-प्रदेश उत्तराखंड चेक पोस्ट भागूवाला पर उत्तराखंड के लिए फर्जी निकासी दिखा दी जाती थी।
आर्थिक अपराध अनुसंधान (ईओडब्ल्यू) ने सेल्स टैक्स चोरी के 15 साल पुराने मामले में सेल्स टैक्स विभाग के तत्कालीन सहायक आयुक्त (वर्तमान में उपायुक्त) मुन्नी लाल को गिरफ्तार किया है।
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जानकारी के अनुसार उड़ीसा, पश्चिम बंगाल और झारखंड से उत्तराखंड के लिए ले जाए जा रहे लोहे की सिल्लियों और अन्य लौह अयस्कों को उत्तर प्रदेश में ही बेच दिया जाता था और उत्तर-प्रदेश उत्तराखंड चेक पोस्ट भागूवाला पर उत्तराखंड के लिए फर्जी निकासी दिखा दी जाती थी। ऐसे 855 फर्जी ट्रकों की निकासी उत्तराखंड के लिए दिखाई गई जो वास्तव में उत्तराखंड गई ही नहीं।
ईओडब्ल्यू शाखा के डीजी राज कुमार विश्वकर्मा ने बताया कि 2007 में इस संबंध में बिजनौर में पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा कायम हुआ था। जिसमें तत्कालीन सहायक आयुक्त मुन्नीलाल, सेल्स टैक्स ऑफिसर मुन्ना सिंह और राम चंद्र, क्लर्क अनिल कुमार व एक अन्य के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। इस मामले की विवेचना ईओडब्ल्यू शाखा द्वारा की जा रही थी।
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विश्वकर्मा ने बताया कि 47.62 करोड़ रुपये का घपला मिला था, जिसमें 2.43 करोड़ रुपये की सेल्स टैक्स चोरी की बात सामने आई थी। इसी मामले में वाणिज्यकर विभाग से अभियोजन स्वीकृति लेकर मुन्नी लाल को मंगलवार को गोमतीनगर से गिरफ्तार कर लिया गया।