आयुष मामले की जांच कर रही एसटीएफ ने 34 कालेजों के डाटा का मिलान पूरा कर लिया है। जिसमें भारी हेराफेरी मिली है। जांच के दौरान जो भी कमियां पाई गई हैं उनसे संबंधित दस्तावेज संबंधित कालेजों से मांगे गए हैं।
सूत्रों ने बताया कि भारी संख्या में ऐसे डाटा मिले हैं जिन्होंने नीट की परीक्षा ही नहीं दी और उनका दाखिला हो गया। इसमें अधिकतर दूसरे राज्य के छात्र बताए जा रहे हैं। पहले उन कालेजों के प्रबंधकों और प्रधानाचार्यों से पूछताछ की जाएगी जहां अधिक दाखिले फर्जी तरीके से कराए गए। इसके बाद शक के दायरे में आए बाकी सरकारी कालेजों के प्रधानाचार्यों और निजी कालेज के प्रबंधकों और प्रधानाचार्यों को पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा।
एसटीएफ एक दिन पहले ही 23 कालेजों के प्रबंधकों और प्रधानाचार्यों को नोटिस देकर तलब कर चुकी है। इन लोगों से एक सप्ताह के भीतर जवाब मांगा गया है। वहीं बाकी कालेजों के प्रबंधन से बाद में सवाल जवाब किए जाएंगे। सूत्रों का कहना है कि फिलहाल एसटीएफ अपनी कागजी कार्रवाई पूरी कर रही है ताकि गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायालय में आसानी से साबित किया जा सके। इसके अलावा मामला सीबीआई में जाने की संभावना को देखते हुए भी एसटीएफ फूंक-फूंक कर कदम रख रही है।