सीतापुर होकर लखनऊ-बरेली हाईवे का निर्माण अभी पूरा नहीं हुआ है, लेकिन दिसंबर से इसके एक हिस्से पर टोल टैक्स लगाने की तैयारी चल रही है। फरीदपुर में स्थित टोल प्लाजा के दिसंबर तक चालू करने की योजना बनाई जा रही है। ऐसे में बरेली से शाहजहांपुर के बीच जहां लोगों को अच्छी सड़क मिलेगी, वहीं शाहजहांपुर से सीतापुर के बीच का हिस्सा उन्हें परेशान भी करेगा।
सीतापुर से बरेली के बीच निर्माण कार्य वर्षों से अटका हुआ है। अमर उजाला ने इस समस्या को अभियान के तौर पर रखा तो एनएचएआई ने अपने अधिकारियों को बदलते हुए काम में तेजी लाना शुरू किया। इसी का नतीजा है कि बरेली से शाहजहांपुर तक 70 किमी. सड़क बनकर तैयार हो चुकी है। सिर्फ एक पुल का काम बचा है, जो दिसंबर तक पूरा कर लिया जाएगा। लेकिन, शाहजहांपुर से सीतापुर के बीच करीब 70-75 किमी. लंबी सड़क के हालत अब भी ठीक नहीं है।
यहां सरमाई नदी और तिरई नदी पर प्रस्तावित एक-एक पुल और दो फ्लाईओवर बनना अभी शेष है। सीतापुर से शाहजहांपुर के बीच हेमपुर रेलवे फाटक पर आरओबी (रेलवे उपरिगामी सेतु) न बन पाने के कारण भी जाम की समस्या बनी हुई है।
ऐसे में बरेली से शाहजहांपुर के बीच अच्छी सड़क से जहां ईंधन की बचत होगी, वहीं शाहजहांपुर से सीतापुर के बीच खराब सड़क ईंधन की ज्यादा खपत होने के कारण लोगों की जेब ढीली करेगी। इसलिए इस सड़क पर अक्सर सफर करने वाले लोगों का कहना है कि बरेली से सीतापुर तक सड़क का निर्माण पूरा होने के बाद ही हाईवे के इस हिस्से पर टोल लगना चाहिए।
इस बारे में एनएचएआई के पीडी अमित चित्रांशी का कहना है कि सड़क का एक पैकेज पूरा होने पर टोल लगाने का प्रावधान है। इसलिए फरीदपुर का टोल प्लाजा दिसंबर तक चालू करने की योजना है। साथ ही कहा कि शाहजहांपुर से सीतापुर के बीच भी सड़क का निर्माण जल्द पूरा करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।