लोकायुक्त संगठन में हुई शिकायत में उप्र लघु उद्योग निगम लिमिटेड के तत्कालीन प्रबंध निदेशक रामयज्ञ मिश्रा पर भी भ्रष्टाचार अंजाम देने का आरोप लगाया गया था। लोकायुक्त संगठन ने इसकी नियमित जांच का आदेश जारी कर दोनों अधिकारियों से स्पष्टीकरण भी तलब किया था।
शाहजहांपुर जिले में स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय में सेंट्रल मेडिकल गैस पाइपलाइन सिस्टम की स्थापना में प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा आलोक कुमार और विशेष सचिव चिकित्सा शिक्षा रामयज्ञ मिश्रा पर भ्रष्टाचार अंजाम देने की लोकायुक्त संगठन को की गई शिकायत में नया मोड़ आ गया है। इस मामले की शिकायत करने वाली राजधानी निवासी समाजसेवी मोनिका सिंह ने लोकायुक्त संगठन को पत्र लिखकर कहा कि शिकायत में रामयज्ञ मिश्रा का नाम त्रुटिवश अंकित हो गया था, लिहाजा जांच में उनका नाम हटा दिया जाए।
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बता दें कि लोकायुक्त संगठन में हुई शिकायत में उप्र लघु उद्योग निगम लिमिटेड के तत्कालीन प्रबंध निदेशक रामयज्ञ मिश्रा पर भी भ्रष्टाचार अंजाम देने का आरोप लगाया गया था। लोकायुक्त संगठन ने इसकी नियमित जांच का आदेश जारी कर दोनों अधिकारियों से स्पष्टीकरण भी तलब किया था। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि पाइपलाइन सिस्टम की स्थापना का कार्य उप्र लघु उद्योग निगम लिमिटेड को सौंपा गया था, जो कि कार्यदायी संस्था नहीं थी। बाद में निगम ने यह कार्य प्रयागराज की फर्म मेसर्स मैक्सवेल टेक्नोलॉजी को दे दिया, जिसे इस तरह का कार्य करने का कोई पूर्व अनुभव नहीं था। सोमवार को मोनिका सिंह ने शिकायत में रामयज्ञ मिश्रा का नाम त्रुटिवश अंकित होने की बात कहते हुए जांच से उनका नाम हटाने का अनुरोध किया है।