प्रदेश के 15 नए जिलों में नेशनल प्रोग्राम फॉर प्रिवेंशन एंड कंट्रोल ऑफ कैंसर, डायबिटीज, कॉर्डियो वस्कुलर डिजीज एंड स्ट्रोक कार्यक्रम शुरू किया जाएगा। अभी तक यह सिर्फ 30 जिलों में चल रहा था। इसके तहत अब 45 जिलों में कैंसर, डायबिटीज, हार्ट एवं स्ट्रोक से बचाने के लिए अभियान चलाया जाएगा।
नेशनल हेल्थ मिशन ने तहत 45 जिलों में चलने वाले एनसीडीसीएस कार्यक्रम में कैंसर, डायबिटीज, हार्ट और स्ट्रोक के मरीजों को लक्षण के आधार पर पहचान की जाएगी। फिर उनकी जांच कराकर इलाज कराया जाएगा। इसके लिए स्वास्थ्य कर्मी गांव-गांव जाकर स्क्रीनिंग करेंगे। इसमें 30 वर्ष से अधिक उम्र केलोगों को शामिल किया जाएगा। कार्यक्रम की निगरानी की जिम्मेदारी मुख्य चिकित्साधिकारियों को सौंपी गई है। जिले की एनसीडी सेल के द्वारा कार्यक्रम का संचालन किया जाएगा।
अभी 30 जिलों में चल रही योजना
झांसी, जालौन, ललितपुर, रायबरेली, फर्रूखाबाद, लखीमपुर खीरी, सुल्तानपुर, प्रयागराज, गोरखपुर, वाराणसी, फतेहपुर, श्रावस्ती, सहारनपुर, आगरा, सीतापुर, मेरठ, बदायूँ, बाराबंकी, उन्नाव, हरदोई, मुजफ्फरनगर, अलीगढ़, अमरोहा, फिरोजाबाद, जीबी नगर, मैनपुरी, पीलीभीत, शाहजहांपुर, गाजियाबाद एवं बहराइच में कार्यक्रम चल रहा है।
इन 15 जिलों में चलेगा अभियान
अमेठी, बलरामपुर, बरेली, बस्ती, बुलंदशहर, इटावा, अयोध्या, गोंडा, जौनपुर, कानपुर नगर, लखनऊ, मथुरा, मिर्जापुर, मुरादाबाद एवं प्रतापगढ़ में नए सिरे से स्क्रीनिंग की जाएगी।
हर स्तर पर बरतें सतर्कता
दिल, कैंसर, डायबिटीज जैसी गंभीर बीमारियों की पहचान के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। समय पर बीमारी की पहचान जरूरी है। इसके लिए स्क्त्रस्ीनिंग जरूरी है। सभी लोग जांच कराएं। ताकि समय पर बीमारी की पहचान की जा सके। 30 साल से अधिक उम्र के लोगों से अपील है कि सरकारी अस्पतालों में मुफ्त जांच कराएं। स्वास्थ्य कर्मी इस अभियान में किसी तरह की लापरवाही न बरतें।
ब्रजेश पाठक, उप मुख्यमंत्री