मुख्तार अंसारी के करीबी एफआई बिल्डर ने नियमों को ताक पर रखकर इमारत का निर्माण कराया। एलडीए ने मामले का संज्ञान लेकर जांच की और अब कैसरबाग थाने में बिल्डरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। बता दें कि एफआई बिल्डर द्वारा बनाए गये अपार्टमेंट में मुख्तार का आवास भी है।
एलडीए के अवर अभियंता इम्तियाज अहमद के मुताबिक 18 फरवरी 1997 में एफआई बिल्डर के निदेशक मोनिस इकबाल, भाई सिराज और सहयोगी माइकल को कैसरबाग इलाके में 23 हजार वर्ग मीटर जमीन पर अपार्टमेंट निर्माण की स्वीकृति दी गई थी। मानचित्र के तहत छह मंजिला इमारत में 72 फ्लैट बनाए जाने थे। जब निर्माण कार्य हुआ तो मानकों को ताक पर रख दिया गया। छह के बजाय आठ मंजिला बिल्डिंग तान दी गई। छत पर एक पेंटहाउस भी बनवाया गया। जिसकी स्वीकृति नहीं थी।
मानक के अनुसार छोड़े जाने वाले सेटबैक पर भी आंशिक निर्माण कराया गया। कैसरबाग इंस्पेक्टर सुधाकर सिंह ने बताया कि अवर अवर अभियंता की तहरीर पर बिल्डर पर धोखाधड़ी, कूटरचित दस्तावेज तैयार कर इस्तेमाल करने व साजिश रचने की धारा में एफआईआर दर्ज की गई है। एलडीए ने विभागीय स्तर पर की गई जांच से संबंधित दस्तावेज पुलिस को मुहैया कराए हैं। पुलिस विवेचना कर आरोपियों पर साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करेगी।
नोटिस का जवाब तक नहीं दिया
एफआईआर के मुताबिक एलडीए के अफसरों को जब अवैध व मानकों को ताक पर रखकर बिल्डिंग का निर्माण कराए जाने की जानकारी हुई तो बिल्डर को नोटिस दिया गया। बिल्डर की तरफ से इस नोटिस का जवाब नहीं दिया गया। तब एलडीए ने अपनी जांच रिपोर्ट के आधार पर केस दर्ज कराया।