मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी अरविंद कुमार को अपना सलाहकार (औद्योगिक सेक्टर) बनाया है। अरविंद को यूपी के पहले वैश्विक निवेशक सम्मेलन के शानदार आयोजन और उसमें 33.50 लाख करोड़ रुपये निवेश के एमओयू का इनाम मिला है। मुख्यमंत्री के सलाहकार (औद्योगिक सेक्टर) के रूप में अब वह निवेश की गाड़ी को सरपट दौड़ाने में अपनी भूमिका निभाएंगे।
अरविंद कुमार पिछले माह ही अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त (आईआईडीसी) और अपर मुख्य सचिव औद्योगिक विकास समेत कई प्राधिकरणों और निगमों की जिम्मेदारी से सेवानिवृत्त हुए थे। वह 1988 बैच के यूपी काडर के आईएएस रहे हैं। दरअसल, जितने बड़े पैमाने पर निवेश के लिए उद्योगपतियों ने अनुबंध (एमओयू) किए हैं, उन्हें जमीन पर उतारने के रास्ते में चुनौतियां भी कम नहीं हैं। इन चुनौतियों से निपटने के लिए अरविंद कुमार जैसे अनुभवी अधिकारी का साथ मिलने से काफी सुगमता होगी। उद्योगों के लिए एनओसी के लिए विभिन्न विभागों के बीच समन्वय के लिहाज से भी वह बेहतर काम कर सकेंगे। वैश्विक निवेशक सम्मेलन में आईआईडीसी के रूप में निवेशकों से उनका सीधा संवाद रहा है।
अपर मुख्य सचिव, नियुक्ति एवं कार्मिक डॉ. देवेश चतुर्वेदी ने बुधवार को अरविंद की नियुक्ति संबंधी आदेश जारी कर दिया है। इसमें कहा गया है कि राज्य के त्वरित अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास के लिए मुख्यमंत्री को औद्योगिक क्षेत्र में परामर्श देने के लिए सलाहकार (औद्योगिक सेक्टर), मुख्यमंत्री के पद पर अरविंद कुमार को तैनाती दी जाती है। वर्तमान में उनकी तैनाती के लिए यह पद 29 फरवरी 2024 तक के लिए सृजित किया गया है।
मुख्यमंत्री के पांच सलाहकार पहले से कार्यरत
मृत्युंजय कुमार, मीडिया सलाहकार, मुख्यमंत्री
अवनीश कुमार अवस्थी, सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी, सलाहकार मुख्यमंत्री
केवी राजू, आर्थिक सलाहकार मुख्यमंत्री
प्रो. डीपी सिंह, शिक्षा सलाहकार मुख्यमंत्री
जीएन सिंह, खाद्य सुरक्षा सलाहकार मुख्यमंत्री