उत्तराखंड की दवा निर्माता कंपनी के खिलाफ आशियाना थाने में शनिवार रात कॉपीराइट और धोखाधड़ी समेत कई धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोप है कि ये दवा कम्पनी आशियाना कि एक मेडिकल कम्पनी का प्रोडक्ट बनाकर पूरे देश में सप्लाई कर रही थी और इस दौरान करोड़ो का मुनाफा कमाया।
आशियाना के सेक्टर आई में रहने वाले मेसर्स हिन्दूकुश बायोप्रोडक्ट प्रा0लि0 दवा कम्पनी के कॉर्डिनेटर पवन कुमार शुक्ला ने बताया कि वह अपनी कम्पनी की त्वचा से सबंधित डर्मार केटी.5 का प्रोडक्शन उत्तराखंड के उधम सिंह नगर में संचालित मेसर्स एग्रोन रैमिडीज प्रा0लि0 से करवाते थे। उनके मुताबिक एग्रोन रैमिडीज कम्पनी काफी कम्पनियों की दवा बनाती है। पवन शुक्ला का कहना है कि 2018 से लेकर 2020 उन्होंने एग्रोन रैमिडीज से इस क्रीम का उत्पादन करवाया और फिर किसी कारण वश बंद कर दिया था और फिर यही क्रीम दूसरी कम्पनी से बनवाने लगे थे।
पवन का कहना है कि उनकी कंपनी का माल पूरे देश के हर प्रदेश में स्टाकिस्टों व डीलरों के माध्यम से पहुंचता हैए हर प्रोडक्ट का लोगो व नाम कम्पनी के नाम से पंजीकृत है। ऐसे में कुछ स्टॉकिस्टों व डीलरों ने बीते जुलाई माह में क्रीम दूसरी जगह से आने की शिकायत की तब उन्हें जानकारी हुई। उन्होंने बैच नम्बर देखे तब उन्हें एग्रोन रैमिडीज प्रा0लि0 का खेल समझ आया। पवन शुक्ला ने और तहकीकात की तो पता चला कि एग्रोन रैमिडीज के साथ मेसर्स गणेश डीएसएम फार्मासिटकल कम्पनी भी इस खेल में शामिल है।
आरोप है कि पवन शुक्ला ने कम्पनी के मालिकों से पूछताछ करनी चाही तो वो धमकाने लगे जिसके बाद पवन ने पुलिस के आलाधिकारियों से शिकायत की थी। शनिवार को पवन शुक्ला की तहरीर पर एग्रोन रैमिडीज प्रा0लि0 के निदेशक गोपाल किशन अग्रवालए मुदित कुमार अग्रवाल व कम्पनी के अधिकारियों के साथ साथ मेसर्स गणेश डीएसएम फार्मासिटकल के मालिक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।