सरोगेसी अधिनियम सख्ती से लागू करने के लिए डीएम की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय कमेटी गठित है। इसमें डीएम अध्यक्ष, सीएमओ सचिव, केजीएमयू के गाइनेकोलॉजी की विभागाध्यक्ष, विभागाध्यक्ष रेडियोलॉजी, संयुक्त निदेशक अभियोजन शामिल होते हैं। ये कमेटी किराये की कोख लेने वाले आवेदक का दस्तावेज चेक करती है। इसकी वीडियोग्राफी भी होती। अंग प्रत्यारोपण की तर्ज पर ही किराये पर कोखलेने के लिए सभी औपचारिकताएं पूरी करनी होती हैं।
प्रोफेशनल स्पर्म डोनर्स पर कसा शिकंजा
स्वास्थ्य विभाग के अफसरों का कहना है नया कानून लागू होने बाद प्रोफेशनल स्पर्म डोनर पर शिकंजा कसा है। आईवीएफ केंद्रों पर अब जो भी प्रक्रिया होती है, उसका रिकाॅर्ड स्वास्थ्य विभाग को भेजा जाता है। इसके बाद कमेटी यह जांच करती है कि संबंधित व्यक्ति प्रोफेशनल डोनर तो नहीं है। इससे पहले आईवीएफ केंद्र किसी प्रक्रिया का लेखा-जोखा नहीं देते थे।