अवध के नवाब वाजिद अली शाह का दरबार कैसा दिखता था? वहां की खासियतें क्या थीं? कैसे वहां कलाकार, नर्तक नवाब और दरबारियों संग दिन बिताते थे? ऐसे ही तमाम सवालों के जवाब दर्शकों को जल्द ही राज्य संग्रहालय में मिल जाएंगे।
राज्य संग्रहालय में अवध गैलरी सजाने की तैयारी है,जहां न सिर्फ वाजिद अली शाह के दरबार की खासियतें होंगी बल्कि काकोरी लूटकांड के शहीदों की शहादत को याद करते हुए पूरे घटनाक्रम का एक सजीव आभास भी उकेरा जाएगा।
लाइट एंड साउंड संग थ्री डी इफैक्ट से लैस दोनों गैलरियां राज्य संग्रहालय में आने वाले समय में देखने को मिलेंगी। इसके लिए प्रस्ताव तैयार हो गया है। पूरे प्रदेश में अपनी किस्म का ये अलग प्रोजेक्ट बताया जा रहा है।
शाही मुकुट में नजर आएंगे नवाब
अवध के नवाब वाजिद अली शाह के दरबार की रौनक, संगीतज्ञ, वाद्य यंत्रों के साथ वादक, कथक नृत्यांगनाओं के साथ नवाब वाजिद अली शाह शाही मुकुट में नजर आएंगे।
अवध की शान को दर्शाता ऐसा ही दुर्लभ चित्र सैकड़ों स्क्वायर फीट में सजाया जाएगा। अवध गैलरी में दरबारियों, फरियादियों, सिंहासन, नर्तकों और सबसे खास अटारियों से झांकती पर्दानशींनों को भी उकेरा जाएगा।
चित्रकारी के अलावा तख्त, सिंहासन, आदमकद नवाब और दरबारियों को स्थापित करने का प्लान है। बैकग्राउंड में पल-पल बदलती रोशनी के साथ साउंड से भी अवध का लगभग डेढ़-दो सौ साल पहले का समय उकेरा जाएगा।