मां का रो-रोकर बुरा हाल।
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पुलिस ने डीवीआर को कब्जे में ले लिया
मानस ने बहन की सुरक्षा के लिए बेडरूम में सीसीटीवी कैमरा लगा रखा था। पुलिस ने डीवीआर को कब्जे में ले लिया है। पूरी घटना कैमरे में कैद है। ममेरे भाई अंशु मिश्र के मुताबिक, वाट्स एप स्टेटस देखने के बाद उन्हें घटना की जानकारी हुई। जानकीपुरम स्थित बैंक में कार्यरत मानस पिछले तीन माह से ऑडिट के सिलसिले में बाहर थे।
दिव्या की बहन प्रज्ञा मिश्र यूट्यूबर हैं। उन्होंने बताया कि मेरी बहन दिव्या पति की साइको हरकतों और उसकी बहन के पागलपन की बीमारी की वजह से अलग रह रही थी। नवंबर 2025 के बाद दिव्या मानस के घर नहीं गई थीं।
रोज की तरह वो सुबह नौ बजे दफ्तर पहुंची थी और फिर कुछ चेक कलेक्ट करने के लिए अपने सहयोगी के साथ बाहर चली गई। इस बीच उसका साइको पति दो रिवॉल्वर के साथ ऑटो से रेकी करने लगा। जब दिव्या बैंक पहुंची तो गेट पर उसके पति ने पहले असलहे से गोली चलाई। आरोप है कि मानस ने असलहे की बट से चेहरे व सिर पर कई वार किए। पास के सब लोग जान बचाकर भाग गए। इसके बाद आरोपी ने फिर दूसरा असलहा निकालकर गोली मार दी।
सीसीटीवी में पूरी घटना कैद हुई।
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मम्मी का बेटा थी तुम
प्रज्ञा ने पोस्ट कर लिखा कि दिव्या मेरी बहन तुम अब नहीं हो ये यकीन कर पाना बहुत मुश्किल है। तुम मम्मी का बेटा थीं...मम्मी का बार-बार फोन आ रहा है। मेरी हिम्मत नहीं है कि मैं उनको कह सकूं की तुम अब नहीं रहीं। दिव्या, काश के तुम इतनी सीधी नहीं होतीं। काश की हम आज पूर्णागिरि घूमने चले गए होते। दिव्या के पिता सतीश चंद्र मिश्र म्यूजिक टीचर हैं। दिव्या ही परिवार का खर्च चलाती थीं। दिव्या की मौत के बाद से परिवार में कोहराम मचा है।