लखनऊ। एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) के तहत गृहकर वसूली में लखनऊ नगर निगम प्रदेश के सभी 17 नगर निगमों में पहले स्थान पर रहा है। प्रयागराज नगर निगम दूसरे और कानपुर नगर निगम तीसरे स्थान पर हैं। गोरखपुर निगम सबसे निचले पायदान पर है।
ओटीएस योजना 15 अगस्त को शुरू की गई थी और यह 15 दिसंबर तक चलेगी। हालांकि, योजना के लिए आवेदन 15 नवंबर तक ही स्वीकार किए जाएंगे। मुख्य कर निर्धारण अधिकारी अशोक सिंह और विनय राय ने बताया कि 17 सितंबर तक ओटीएस के अंतर्गत 6.50 करोड़ रुपये गृहकर जमा हुआ है। यह राशि प्रदेश के सभी नगर निगमों में सबसे अधिक है। आवेदन एक महीने पहले तक इसलिए लिए जाएंगे ताकि गृहकर निर्धारण में यदि कोई गलती हुई तो उसमें सुधार हो सके। 15 नवंबर तक प्राप्त आवेदनों का गृहकर 15 दिसंबर तक जमा होगा। ओटीएस में आवेदन ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से किया जा सकता है। इस योजना में भवनस्वामी का पूरा ब्याज माफ किया जा रहा है।
घर बैठे ऑनलाइन कर सकते आवेदन
ओटीएस योजना के लिए नागरिक ऑनलाइन आवेदन भी कर सकते हैं। इसके लिए निर्धारित ओटीएस पोर्टल www.upulbots.in पर जाकर आवेदन की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। आवेदन के लिए सबसे पहले सबसे पहले ओटीएस पोर्टल खोलकर होम पेज पर दिए गए ऑनलाइन आवेदन करें विकल्प पर क्लिक करें। इसके बाद उत्तर प्रदेश के नगर निगम की सूची में से अपना नगर निगम चुनें। उसके बाद अपना सक्रिय 10 अंकों का मोबाइल नंबर दर्ज करें और सेंड ओटीपी पर क्लिक करें। इसके बाद मोबाइल पर प्राप्त 6 अंकों का ओटीपी दर्ज कर सबमिट-लॉगिन पर क्लिक करें। लॉगिन के बाद आवेदन पत्र में आवश्यक जानकारी भरनी होगी। इसमें प्रॉपर्टी आईडी, आवेदक का नाम और प्रॉपर्टी का प्रकार जैसी जानकारी शामिल है। सभी विवरण जांचने के बाद आवेदन सबमिट करें। आवेदन जमा होने के बाद पोर्टल पर इसकी पुष्टि दिखाई देगी। पंजीकृत मोबाइल नंबर से दोबारा लॉगिन कर आवेदक अपने आवेदन की वर्तमान स्थिति भी देख सकते हैं।
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टॉप थ्री नगर निगम
लखनऊ नगर निगम 6.50 करोड़
प्रयागराज नगर निगम 3.13 करोड़
कानपुर नगर निगम2.51 करोड़
कोट
भवनस्वामियों से अपील है कि वह योजना का लाभ उठाने के लिए अपना बकाया गृहकर समय से जमा कर दें। इससे उन्हें ब्याज नहीं देना पड़ेगा। 15 दिसंबर के बाद बकाया पर ब्याज भरना पड़ेगा।
सुषमा खर्कवाल, महापौर