सांडों को पकड़ने के लिए नगर निगम की कार्रवाई तेज हुई है। बुधवार को पुराने लखनऊ और रायबरेली रोड स्थित कालोनियों में कार्रवाई कर 99 सांड पकड़े गए। दो दिन में नगर निगम ने अब तक कुल 140 सांडों को पकड़ कर कान्हा उपवन भेजा गया है।
हालांकि शहर के हर इलाकों में इनकी भारी संख्या में मौजूदगी और लगातार आ रही शिकायतें इस बात कर इशारा कर रही हैं कि निगम के लिए यह कड़ी चुनौती है।
नगर निगम के संयुक्त निदेशक डॉ. अरविंद कुमार राव ने बताया कि बुधवार को रायबरेली रोड स्थित तेलीबाग, उतरेठिया के आसपास कार्रवाई की गई। वहीं ठाकुरगंज, हुसैनाबाद और कैंपबेल रोड पर भी सांड पकड़े गए हैं। सांडों को पकड़ने के लिए एलडीए के पशु चिकित्सा विभाग की पूरी टीम उतारी गई है।
सांडों को पकड़ने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। क्योंकि गर्मी की वजह से अधिकांश सांड हिंसक हो रहे हैं। सांडों के हिंसक होने पर पहले इन्हें काबू में कर शांत कराना होता है। इसके बाद ही कैटल कैचर में चढ़ाया जाता है।
सांडों को घायल होने से बचाना भी चुनौती
नगर निगम के सामने सांडों को पकड़ना ही चुनौती नहीं है। इससे बड़ी चुनौती हिंसक हो रहे सांडों को पकड़ते समय घायल होने से बचाना भी है। सांड खुद को छुड़ाने के लिए भी भरसक प्रयास करते हैं।
रस्सा छुड़ाकर भागने से लेकर कैटल कैचर से उतरने की भी पृरी कोशिश रहती है। इसमें सांडों को चोट भी लग जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि कान्हा उपवन ले जाकर सांडों को शांत कर उनकी चोट की देखभाल की जा रही है।
हादसे होने के बाद नगर निगम की सख्ती
शहर में लगातार कई हादसे होने के बाद अब नगर निगम अधिकारी सख्ती की बात कह रहे हैं। डॉ. राव का कहना है कि अब यह कार्रवाई तभी रुकेगी जब शहर में एक भी सांड न दिखाई दे। 25 मई की तारीख सांडमुक्त लखनऊ नगर निगम के रूप में तय की गई है।
नगर निगम की सीमा के बाहर भी पकड़े सांड
नगर निगम ने बुधवार को अपनी सीमा के बाहर भी सांड पकड़ने का काम किया। वृंदावन कॉलोनी अभी तक नगर निगम को औपचारिक रूप से हैंडओवर नहीं हो पाई है। इसके बाद भी टीम तेलीबाग और उतरेटिया में कार्रवाई करने गई। वृंदावन योजना के सेक्टर 9, 10, 11, 12, 13, 14 और 15 में भी सांड पकड़े गए।