राजधानी में मेट्रो केअगस्त के अंत तक चलाने के संकेत आयुक्त मेट्रो रेल संरक्षा (सीएमआरएस) ने दिए हैं। प्राथमिकता सेक्शन पर यात्रियों की सुरक्षा के लिए जरूरी इंतजाम से सीएमआरएस संतुष्ट हैं। सिंगारनगर स्टेशन के लिए भी अग्निशमन विभाग फायर एनओसी दे चुका है।
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ऐसे में कुछ बिन्दुओं पर स्थिति स्पष्ट होने पर लखनऊ मेट्रो को अगले दो से तीन दिन में प्राधिकार प्रमाण पत्र दिया जा सकता है।
सीएमआरएस सुशील कुमार पांडेय का कहना है कि कुछ बिन्दुओं पर कमी मिली है। हालांकि ये कमियां ऐसी नहीं हैं, जिनके आधार पर कॉमर्शियल रन के लिए प्राथमिकता सेक्शन के कॉरीडोर पर ट्रेन का संचालन यात्रियों के लिए नहीं खोला जा सके।
इसकी रिपोर्ट लखनऊ मेट्रो को दी जा रही है। इन बिन्दुओं पर अनुपालन कराने के बाद लखनऊ मेट्रो को सर्टिफिकेट जारी कर दिया जाएगा।
जिन बिन्दुओं को लखनऊ मेट्रो को बताया गया है। उनमें अधिकतम दो दिन का समय लग सकता है। ऐसे में अगले दो या तीन दिन में कारीडोर पर संचालन शुरू करने का सर्टिफिकेट भी इश्यू कर दिया जाएगा। 27 जुलाई से सीएमआरएस ने अपना निरीक्षण शुरू किया था।
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कंट्रोल सिस्टम की बाधा
लखनऊ मेट्रो
- फोटो : amar ujala
सीएमआरएस का कहना है कि 80 की अधिकतम स्पीड नहीं मिल पाने और इससे सर्टिफिकेट रूकने की बात गलत है। सही बात यह है कि कंट्रोल सिस्टम में कमांड होने की वजह से ट्रेन को एक स्टेशन से दूसरे स्टेशन पर जाने के समय ब्रेक लगाना ही होगा। ऐसे में कॉमर्शियल रन के लिए तय करीब 30 किमी प्रतिघंटा की स्पीड मिल रही है। 80 किमी प्रतिघंटा की स्पीड तब मिलेगी जबकि यह सिस्टम बाइपास किया जाए। लखनऊ मेट्रो को कहा गया है कि एक बार सिस्टम बाइपास कर ट्रेन का ट्रायल कर लिया जाए।
सिंगारनगर पर सहमति
लखनऊ मेट्रो
- फोटो : amar ujala
सीएमआरएस ने बताया कि सिंगारनगर स्टेशन को अग्निशमन विभाग की एनओसी मिल चुकी है। ऐसे में यह अब यात्रियों के लिए सुरक्षित माना जा रहा है। लखनऊ मेट्रो को भी यहां अधिक मैनपॉवर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लगाने के लिए कहा गया है। खुद मेट्रो के अधिकारियों की रिपोर्ट बताती है कि यहां यात्रियों की संख्या बाकी जगह से अधिक होगी। ऐसे में सुरक्षा को देखते हुए इंतजाम करने ही होंगे।
चार महीने लेट हो चुकी लखनऊ मेट्रो
पहले 26 मार्च को लखनऊ मेट्रो का संचालन यात्रियों के लिए शुरू किया जाना था। इस बीच रेलवे बोर्ड से टेक्निकल क्लियरेंस फंसने और सीएमआरएस के निरीक्षण की तारीख नहीं मिल पाने की वजह से ऐसा नहीं हो सका। अब ट्रेन को अगस्त के अंत तक चलाने की तैयारी में लखनऊ मेट्रो है।
सीएमआरएस का निरीक्षण पूरा होने और सर्टिफिकेट जल्दी ही मिलने का संकेत मिलने के बाद कॉमर्शियल रन की तारीख तय करने की कवायद भी शुरू हो गई है। लखनऊ मेट्रो के सूत्रों के मुताबिक प्रदेश सरकार खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों ट्रेन को हरी झंडी दिखाना चाहती है। इसके बाद यात्रियों के लिए लखनऊ मेट्रो का संचालन छह ट्रेनों के साथ शुरू कर दिया जाएगा। छह ट्रेन पहले ही लखनऊ मेट्रो को तैयार होने के बाद मिल चुकी हैं।