पीएफआई के सदस्यों के पास मेट्रो कार्ड मिलने के बाद लखनऊ मेट्रो ने एक प्रेस रिलीज जारी कर कहा है कि उनका सिस्टम पूरी तरह सुरक्षित है। हर यात्री का इंटेलीजेंट वीडियो एनालिटिक्स सॉफ्टवेयर से सीसीटीवी सर्विलांस किया जाता है। लखनऊ मेट्रो ने पूरे सिस्टम को अलर्ट पर रखा हुआ है।
मेट्रो के एमडी कुमार केशव का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। ट्रेन व सभी मेट्रो स्टेशनों पर किसी भी संदिग्ध या आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम हैं। कड़ी निगरानी के लिए 60-70 सीसीटीवी कैमरे हर स्टेशन पर लगाए गए हैं। इसके अलावा स्टेशन, प्लेटफॉर्म एवं प्रवेश-निकास द्वार पर सिक्योरिटी गार्ड, पुलिस और पीएसी के जवानों की तैनाती रहती है। लखनऊ मेट्रो की सभी ट्रेनों एवं स्टेशनों की लगातार निगरानी के लिए मुस्तैद स्टेशन कंट्रोलर, ट्रेन ऑपरेटरों के साथ-साथ पर्याप्त संख्या में सुरक्षा कर्मियों की तैनाती सुनश्चित की गई है। इंटेलीजेंट वीडियो एनालेटिक्स किसी भी लावारिस या संदिग्ध पड़ी वस्तु को तुरंत जांच करके पकड़ सकती है।
सीसीटीवी कैमरे में लगा क्राउड सेंसिंग सिस्टम किसी भी ऐसे व्यक्ति की तलाश करने में सक्षम है जो एक तय समय सीमा से अधिक मेट्रो स्टेशन पर खड़े रह कर ट्रेन की यात्रा कर रहा हो। ट्रेन के अंदर और बाहर लगे सीसीटीवी कैमरा भी किसी संदिग्ध व्यक्ति को तुरंत चिह्नित करने में समर्थ हैं। एक ट्रेन में करीब 24 कैमरे लगे होते हैं जो ट्रेन के अंदर और बाहर निगरानी करते हैं। इसके अलावा इमरजेंसी स्टॉप प्लंजर स्टेशन के प्लेटफार्म पर लगा होता है। इस बटन के जरिए ट्रैक पर किसी वस्तु या व्यक्ति के गिरने पर ट्रेन को रोका जा सकता है। एमडी का कहना है कि मेट्रो की सुरक्षा ऑडिट आईबी, इंटेलीजेंस ब्यूरो करती है।