मेट्रो रूट में आने वाली सीवर लाइन, वाटर लाइन और नालों को डायवर्ट किया जा सकता है। इसको लेकर नगर निगम ने तैयारी शुरू कर दी है।
नगर आयुक्त के निर्देश के बाद जोनल अभियंता नक्शा बनाने में जुट गए हैं। इसमें नाला कहां से कहां तक और कितना गहरा बना है, इंगित किया जा रहा है।
इसी तरह सीवर व वाटर लाइन की ड्राइंग भी तैयार की जा रही है। इसे मेट्रो सेल को सौंपा जाएगा ताकि मेट्रो के काम में रुकावट न आए।
नगर निगम के अधिशासी अभियंता एसके जैन का कहना है कि मेट्रो रूट के दायरे में आने वाली सीवर लाइन, वाटर लाइन और ड्रेनेज सिस्टम का ब्योरा तैयार किया जा रहा है।
इसे जोनवार इलाके के नक्शे पर दर्शाया जा रहा है। इसका काम शुरू हो गया है और जोन पांच में यह काम पूरा भी कर लिया गया है।
अन्य जोन में काम चल रहा है और उसे भी जल्द पूरा कर लिया जाएगा। काम पूरा होने के बाद उसकी रिपोर्ट मेट्रो सेल को भेज दी जाएगी।
इसके बाद मेट्रो सेल जो निर्देश देगी उस हिसाब से डायवर्जन का काम किया जाएगा। मेट्रो रूट के हिसाब से जोन-एक, जोन तीन, जोन चार और जोन पांच के इलाकों का नक्शा तैयार किया जा रहा है।
जोन दो और छह में मेट्रो रूट अभी प्रस्तावित नहीं है इसलिए अभी यहां की रिपोर्ट तैयार नहीं की जा रही है।
अधिशासी अभियंता ने यह भी बताया कि अब शहर का सिटी डेवलपमेंट प्लान (सीडीपी) तैयार किया जाएगा वह भी मेट्रो को ध्यान में रखते हुए होगा।
सीडीपी तैयार करने का काम अगले माह शुरू हो जाएगा। इसके लिए कंसलटेंट का चयन हो चुका है और नगर निगम कार्यकारिणी व सदन से भी इस पर मोहर लग चुकी है। सीडीपी तैयार करने पर करीब 19 लाख रुपये खर्च होंगे।