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VIDEO: लखनऊ की कहानी, लेजर शो की जुबानी

Sat, 29 Nov 2014 03:45 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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इधर सर्द होती शाम का धुंधलका छाने लगा और उधर परवान चढ़ने लगी महोत्सव स्थल की रौनक। मद्धम-मद्धम बहती संगीत सरिता के बीच मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने फीता काटकर 39वां महोत्सव का उद्घाटन किया।
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इधर शुभारंभ हुआ उधर लेजर शो और आतिशबाजी की सतरंगी रोशनी से नहा उठा महोत्सव स्थल। पल-पल लेजर से ज्वॉय की टकराहट रोमांच को बढ़ाती रही।

लेजर शो ने माहौल में अलग रोमांच भर दिया। वहीं सीएमएस की राजेन्द्रनगर शाखा के बच्चों ने अपने गीत-नृत्य के जरिए  महोत्सव के मंच से जन्नत से खूबसूरत लखनऊ के दीदार कराए।
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पर्यटन मंत्री ने की महोत्सव की तारीफ

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि गोमती के किनारों पर बसा लखनऊ ऐतिहासिक इमारतों से घिरा है।

दिल्ली से आने के दौरान आगरा के बाद दूसरा सबसे बड़ा शहर लखनऊ ही है। इसी लखनऊ की संस्कृति को पोषित करता है, लखनऊ महोत्सव।

इस अवसर पर पर्यटन मंत्री ओम प्रकाश सिंह ने कहा कि महोत्सव के भव्य आयोजन के लिए विभाग की सराहना की। खास बात यह रही कि उद्घाटन समारोह 6.30 बजे होना तय हुआ था। पर, कार्यक्रम तय समय से डेढ़ घंटे पूर्व मुख्यमंत्री के आने से हो गया।
 
समारोह में पर्यटन राज्यमंत्री मूलचंद्र चौहान, संस्कृति मंत्री अरुणा कोरी, कैबिनेट मंत्री राजेन्द्र चौधरी सहित मंडलायुक्त, जिलाधिकारी और पर्यटन विभाग के आला अधिकारी उपस्थित रहे।

15 मिनट तक लेजर से टक्कर

तेज-तर्रार लाइट हावी होती तो कभी ज्वॉय लाइट को काबू में कर लेता।

दर्शकों का रोमांच इस टकराहट से पल-पल बढ़ रहा था। फिर सोनिया लेजर लाइट से टकराने आई और दर्शकों का जोश डबल हो गया।

इस लाजवाब लेजर शो से पहले शो में जनेश्वर मिश्र पार्क, लखनऊ मेट्रो, आईटी सिटी इत्यादि सपा सरकार की उपलब्धियों को दिखाया गया। लेजर शो करीब 15 मिनट तक चला।

‘हम तो गैरों को बनाकर रखते हैं मेहमान, लखनऊ तेरा नाम दूसरा जन्नत का है नाम’ गीत पर सिटी मांटेसरी स्कूल की राजेन्द्रनगर शाखा के बच्चों ने मनमोहक नृत्य किया।

आतिशबाजी से रोशन हुआ आसमान

हॉट एयर बैलून में गर्म हवा भरकर उड़ान की तैयारियां मुकम्मल रही। महोत्सव के पहले दिन एक भी बुकिंग नहीं होने के कारण बैलून महज हवा में लहराता रहा।
 
आयोजक कैप्टन अकरम बेग ने बताया कि सुरक्षात्मक पहलुओं की जांच-पड़ताल हो चुकी हैं। दर्शकों के आने पर उड़ान शुरू हो जाएगी।

महोत्सव के समापन पर भव्य आतिशबाजी हर साल होती रही है। इस बार महोत्सव का आगाज रंगबिरंगी रोशनियों वाले पटाखों से हुआ।

पहली बार लेजर शो के बाद हुई आतिशबाजी का लुत्फ सांस्कृतिक पंडाल ही नहीं, बल्कि महोत्सव घूमने आए, सभी लोगों ने उठाया। करीब सात बजे शुरू हुई आतिशबाजी पांच मिनट तक आसमान को रोशन करती रही।

सहूलियत के लिए ‘सहायता केंद्र’

दर्शकों की सहायता के लिए हर सौ कदम की दूरी पर सहायता केंद्र बनाए गए हैं। ताकि महोत्सव से जुड़ी जानकारियां आसानी से हासिल की जा सके।

इसके अलावा सोशल मीडिया सेंटर भी सहायता के लिए तैयार हो गया है। यहां तैनात अंजलि ने बताया कि सेंटर पर राज्य सरकार की योजनाओं की जानकारी लोगों को उपलब्ध कराई जाएगी।

इसके अलावा उनकी शिकायतें भी दर्जकर जिलाधिकारी तक पहुंचाने की व्यवस्था की गई है। महोत्सव परिसर के फन जोन में दर्जन भर से अधिक झूले लगाए गए हैं। ऑक्टोपस, टैंगो सहित गुजराती झूला रेंजर लगाया गया है। संचालक ने बताया कि झूले का किराया डेढ़ सौ रुपये प्रति व्यक्ति रखा गया है।
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यहां देखिए लेजर शो का वीडियो...

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