लखनऊ। डॉ. राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय तेजी से डिजिटलीकरण की तरफ बढ़ रहा है। पहले ऑनलाइन परीक्षा को सफलतापूर्वक अंजाम दिया तो अब ऑनलाइन मूल्यांकन शुरू करने जा रहा है। इस नई व्यवस्था को लेकर मंगलवार से तैयारियां शुरू कर दी गई है। हालांकि भौतिक रूप से भी मूल्यांकन की व्यवस्था रहेगी। यदि कोई शिक्षक पुरानी विधि से कॉपियों का मूल्यांकन करना चाहे हैं तो उसकी भी अनुमति रहेगी।
कोरोना काल में विधि विश्वविद्यालय राजधानी का पहला विश्वविद्यालय बना जिसने ऑनलाइन परीक्षाएं शुरू की। इसके लिए विश्वविद्यालय प्रशासन ने परीक्षा लेने की प्रक्रिया के साथ पेपर पैटर्न में भी बड़े बदलाव किए। छात्र गत वर्ष से घर बैठे परीक्षा दे रहे हैं। इसी क्रम को आगे बढ़ाते हुए विधि विश्वविद्यालय राजधानी का पहला विश्वविद्यालय बन गया है, जो कॉपियों का ऑनलाइन मूल्यांकन कराने जा रहा है। विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित हो रहे रिपीट एग्जाम की कॉपियों के मूल्यांकन से इस नई व्यवस्था की शुरुआत की गई है। बीएएलएलबी ऑनर्स के छात्रों की रिपीट एग्जाम 2 जून से प्रारंभ हुए हैं, जो 30 जून तक चलेंगे। परीक्षा के दौरान ही मंगलवार से कॉपियों का भौतिक व ऑनलाइन मूल्यांकन भी शुरू हो गया है।
इस तरह से होगा मूल्यांकन
छात्र घर बैठे ऑनलाइन परीक्षा देते हैं। आंसरशीट पर उत्तर लिख कर उसको स्कैन कर विश्वविद्यालय द्वारा दिए गए लिंक के माध्यम से परीक्षा नियंत्रक कार्यालय को मुहैया कराते हैं। छात्रों को उत्तर लिखने से कॉपी मुहैया कराने तक के लिए 5 घंटे का समय दिया जाता है। अब इन कॉपियों का मूल्यांकन शुरू होने जा रहा है। शिक्षकों को परीक्षा कार्यालय द्वारा लिंक के माध्यम से कॉपियां मुहैया करा दी जाएंगी। शिक्षक अपने सिस्टम पर उसे खोल कर ऑनलाइन चेक करके ऑनलाइन ही अंक दे देंगे। कॉपियां पासवर्ड से सुरक्षित रखी जाएगी। इससे पहले परीक्षा कार्यालय छात्रों द्वारा भेजी गई कॉपियों को डाउनलोड कर इसका प्रिंट आउट निकाल कर शिक्षकों को मुहैया कराता था। विश्वविद्यालय की प्रवक्ता डॉ. अलका सिंह ने बताया कि विश्वविद्यालय द्वारा पहली बार ऑनलाइन मूल्यांकन की व्यवस्था की गई है।