लखनऊ। लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे 13 जुलाई को जनता के लिए खोल दिया जाएगा। 63 किमी लंबे छह लेन के एक्सप्रेसवे के साथ ही लखनऊ के इंजीनियरिंग कॉलेज चौराहे पर बन रहे फ्लाईओवर का शिलान्यास भी किया जाएगा। लोकार्पण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शामिल होने की संभावना नहीं है।
लखनऊ उत्तर से भाजपा विधायक नीरज बोरा ने बताया कि लोकार्पण और शिलान्यास कार्यक्रम कानपुर रोड पर ही आयोजित होंगे। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के अधिकारियों ने भी लोकार्पण की तिथि की पुष्टि की है। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शामिल होने की संभावना नहीं है। पहले उनके हाथों ही एक्सप्रेसवे उद्धाटन की योजना थी। एनएचएआई ने एक्सप्रेसवे मई 2026 में ही तैयार कर लिया था लेकिन प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से लोकार्पण की तिथि तय नहीं हो पा रही थी।
टोल का करना पड़ेगा भुगतान
एक्सप्रेसवे पर यात्रा के लिए टोल शुल्क लागू होगा। वार्षिक फास्टैग वाले वाहनों को मात्र पंद्रह रुपये का भुगतान करना होगा। जिन वाहनों में फास्टैग नहीं होगा, उन्हें 275 रुपये का टोल देना होगा। अधिकारियों के अनुसार, एक्सप्रेसवे पर टोल की दरें सामान्यतः अधिक होती हैं।