रोड इंजीनियरिंग विशेषज्ञ इंजी. सुनील गुप्ता बताते हैं कि बारिश के सीजन में सड़कों का धंसना आम बात है लेकिन बात एक्सप्रेसवे की हो तो ऐसा नहीं होना चाहिए। सड़क निर्माण के दैारान मिट्टी की पटाई और फिर उसे धंसने से बचाने के लिए रोड रोलर ढंग से चलाने की जरूरत होती है। ऐसा नहीं होने पर मिट्टी धसक जाती है और सड़क हादसे की वजह बन जाती है। हालांकि एक्सप्रेसवे की सड़कें इतनी जल्दी धंस रही हैं, इसे एनएचएआई के विशेषज्ञों को करीब से समझना चाहिए।
दो किमी तक वनवे बना एक्सप्रेसवे
लखनऊ कानपुर एक्सप्रेसवे पर मरम्मत कार्य चल रहा है। सोशल मीडिया पर एक्सप्रेसवे का वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एक्सप्रेसवे का दो किलोमीटर तक वनवे बनाया गया है। एक ओर ट्रकों, जेसीबी से मरम्मत हो रही है, दूसरी ओर एक ही रास्ते से वाहनों की आवाजाही चल रही है। वहीं, सोशल मीडिया पर एनएचएआई अफसरों की कार्यशैली को भी कठघरे में खड़ा किया जा रहा है।
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर खराब हुई सड़क की मरम्मत हो रही है। इसी क्रम में किमी संख्या 64 पर बने दो साै मीटर लंबे पुल की सड़क को पूरा उखाड़कर नए सिरे से बनाया जा रहा है। इसके लिए डायवर्जन भी किया गया है। सड़क सुधारी गई थी, लेकिन एनएचएआई मुख्यालय कार्य से संतुष्ट नहीं था, जिसकी वजह से कार्यदायी संस्था पर नाराजगी जताते हुए पूरे पुल की सड़क को नए सिरे से बनाने का निर्देश दिए गए। माैके पर तैनात एनएचआई के गार्ड वाहनों को कॉशन के साथ निकाल रहे हैं। बुधवार तक काम पूरा होने की उम्मीद है।