फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लखनऊ: बहुरने वाले हैं JPNIC के दिन, 100 करोड़ से संवारी जाएगी नौ साल से बंद पड़ी यह इमारत; होता रहा है विवाद

Thu, 30 Jul 2026 10:08 PM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

JPNIC in Lucknow: पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के जय प्रकाश नरायण की जयंती पर वहां जाने के लेकर होने वाले राजनीतिक विवाद से यह चर्चा में भी बना रहता है। 
विज्ञापन
जेपीएनआईसी लगातार विवादों में रहा है। - फोटो : अमर उजाला।
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

समाजवादी चिंतक जय प्रकाश नरायण के नाम पर गोमती नगर में बने जय प्रकाश नरायण अंतरराष्ट्रीय सेंटर (जेपीएनआईसी) के दिन अब बहुरने वाले हैं। करीब नौ साल से बंद रहने के कारण यह बदहाल भी हो गया है। जिसे अब संवारने पर 100 करोड़ रुपये से अधिक का बजट खर्च होगा लेकिन इसे जहां है जैसा है के आधार पर संचालित करने की योजना बन रही है। इसको लेकर बृहस्पतिवार को शासन में बैठक भी हुई मगर अफसरों ने जानकारी साझा नहीं की। वैसे यहां पर करीब चार महीने से पार्किंग का उपयेाग किया जा रहा है और गाड़ियां खड़ी कराई जा रही हैं।

विज्ञापन


गोमती नगर में एलडीए ऑफिस के निकट ही बने जीपीएनआईसी का निर्माण साल 2013 में शुरू हुआ और साल 2017 मेंं निर्माण पूरा होने से पहले ही इसका काम बंद हो गया। जिस समय काम बंद हुआ था उस समय फिनिशिंग सहित करीब 50 करोड़ रुपये के काम बचे थे। यह बजट एलडीए को शासन से मिला नहीं और तब से यह सेंटर बंद पड़ा है। बीच में कई बार इसे जहां है जैसा है कि स्थिति में निजी कंपनी को देकर संचालन शुरू करने की कोशिश भी एलडीए की ओर से की गई मगर वह कागज पर ही रह गई। ऐसे में करीब नौ साल से यह बंद पड़े रहने के कारण खंडहर होता रहा।

 पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के जय प्रकाश नरायण की जयंती पर वहां जाने के लेकर होने वाले राजनीतिक विवाद से यह चर्चा में भी बना रहता है। बीते साल भी खूब हंगामा बवाल हुआ था। बीते साल जुलाई में शासन ने इसे एलडीए को सौंप दिया था। उससे पहले शासन की उच्चस्तरीय समिति संचालन देखती थी। शासन के आदेश के बाद एलडीए की ओर से संचालन को लेकर आरएफपी जहां है जैसा है कि आधार पर जारी की गई थी।। इसके बाद कई कंपनियां आईं थी। जिनकी रिपोर्ट शासन गई थी मगर कोई निर्णय वहां से जारी नहीं किया गया था। इसको लेकर सवाल भी उठ रहे थे। अब इसके संचालन को लेकर फिर कवायद तेज हुई है। 
विज्ञापन


सूत्रों ने बताया कि बैठक सचिव आवास बलकार सिंह की अध्यक्षता में हुई। इसमें एलडीए वीसी प्रथमेश कुमार और कई और बड़े अफसर शामिल हुए। बैठक में क्या तय हुआ इसको लेकर न तो एलडीए वीसी ने बयान जारी किया और न आवास आयुक्त ने। सूत्रों का कहना है कि मामला प्रदेश की मुख्य विपक्ष पार्टी से जुड़ा होने के कारण कोई भी अफसर जेपीएनआईसी के मामले पर कुछ बोलना नहीं चाहता है।

यह काम कराने की पड़ेगी जरूरत

  •  जो लिफ्ट लगी हैं वह भी बंद-बंद खराब हो गई हैं
  •  स्पोर्ट सेंटर में लगे डिजिटल स्क्रीन बोर्ड खराब हो गए हैं
  •  कुर्सी, साफ आदि फर्नीचर खराब हो गया है।
  •  फर्श में काली पड़ गई है
  •  बिल्डिंग की खिड़कियों के बाहर की ओर लगे शीशे टूट गए हैं,
  •  दीवार पर लगे पत्थर टाइल्स भी टूट टूटकर गिर रहे हैं
  •  बिजली तार और जनरेटर भी बंद-बंद पड़े-पड़े खराब हो गए हैं
  •  फिनिशिंग और सजावट के काम कराने पड़ेंगे
  •  अधूरी बाउंड्री और मुख्य द्वार को बनवाना होगा
विज्ञापन

जानिए इमारत के बारे में एक-एक बात 

जेपीएनआईसी बिल्डिंग  - फोटो : संवाद
  • - एरिया- 20 एकड़
  • - 700 गाड़ियों की क्षमता वाली तीन मंजिला मल्टीस्स्टोरी पार्किंग
  • - बिल्डिंग की 18वीं मंजिल पर हेलीपैड बना है
  • - दो सभागार हैं जिसमें एक 1000 क्षमता का और दूसरा 2000 क्षमता का है
  • - ऑल वेदर स्वीमिंग पूल और डाइविंग पूल है
  • - लॉन टेनिस कोर्ट
  • - कैफेटेरिया
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें