जेपीएनआईसी लगातार विवादों में रहा है।
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समाजवादी चिंतक जय प्रकाश नरायण के नाम पर गोमती नगर में बने जय प्रकाश नरायण अंतरराष्ट्रीय सेंटर (जेपीएनआईसी) के दिन अब बहुरने वाले हैं। करीब नौ साल से बंद रहने के कारण यह बदहाल भी हो गया है। जिसे अब संवारने पर 100 करोड़ रुपये से अधिक का बजट खर्च होगा लेकिन इसे जहां है जैसा है के आधार पर संचालित करने की योजना बन रही है। इसको लेकर बृहस्पतिवार को शासन में बैठक भी हुई मगर अफसरों ने जानकारी साझा नहीं की। वैसे यहां पर करीब चार महीने से पार्किंग का उपयेाग किया जा रहा है और गाड़ियां खड़ी कराई जा रही हैं।
गोमती नगर में एलडीए ऑफिस के निकट ही बने जीपीएनआईसी का निर्माण साल 2013 में शुरू हुआ और साल 2017 मेंं निर्माण पूरा होने से पहले ही इसका काम बंद हो गया। जिस समय काम बंद हुआ था उस समय फिनिशिंग सहित करीब 50 करोड़ रुपये के काम बचे थे। यह बजट एलडीए को शासन से मिला नहीं और तब से यह सेंटर बंद पड़ा है। बीच में कई बार इसे जहां है जैसा है कि स्थिति में निजी कंपनी को देकर संचालन शुरू करने की कोशिश भी एलडीए की ओर से की गई मगर वह कागज पर ही रह गई। ऐसे में करीब नौ साल से यह बंद पड़े रहने के कारण खंडहर होता रहा।
पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के जय प्रकाश नरायण की जयंती पर वहां जाने के लेकर होने वाले राजनीतिक विवाद से यह चर्चा में भी बना रहता है। बीते साल भी खूब हंगामा बवाल हुआ था। बीते साल जुलाई में शासन ने इसे एलडीए को सौंप दिया था। उससे पहले शासन की उच्चस्तरीय समिति संचालन देखती थी। शासन के आदेश के बाद एलडीए की ओर से संचालन को लेकर आरएफपी जहां है जैसा है कि आधार पर जारी की गई थी।। इसके बाद कई कंपनियां आईं थी। जिनकी रिपोर्ट शासन गई थी मगर कोई निर्णय वहां से जारी नहीं किया गया था। इसको लेकर सवाल भी उठ रहे थे। अब इसके संचालन को लेकर फिर कवायद तेज हुई है।
सूत्रों ने बताया कि बैठक सचिव आवास बलकार सिंह की अध्यक्षता में हुई। इसमें एलडीए वीसी प्रथमेश कुमार और कई और बड़े अफसर शामिल हुए। बैठक में क्या तय हुआ इसको लेकर न तो एलडीए वीसी ने बयान जारी किया और न आवास आयुक्त ने। सूत्रों का कहना है कि मामला प्रदेश की मुख्य विपक्ष पार्टी से जुड़ा होने के कारण कोई भी अफसर जेपीएनआईसी के मामले पर कुछ बोलना नहीं चाहता है।