अय्यूब ने मुकदमे को फर्जी बताते हुए उच्च न्यायालय से गिरफ्तारी पर रोक के आदेश ले लिए हैं। कुछ दिन से दरोगा अनिल अवस्थी ने मुकदमा खत्म करने के नाम पर उससे एक लाख रुपये की मांग करनी शुरू कर दी। अय्यूब ने इतनी रकम देने में असमर्थता जताई तो दरोगा उसे व सईदा को जेल भेजने की धमकी देने लगा।
अय्यूब ने रकम कुछ कम करने की गुहार लगाई, लेकिन दरोगा एक लाख रुपये पर अड़ा रहा। शनिवार सुबह दरोगा और अय्यूब की बातचीत का ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इसके बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कलानिधि नैथानी ने उसे निलंबित करने की कार्रवाई की।
एसएसपी को प्रार्थनापत्र दिया पर कार्रवाई नहीं
अय्यूब का कहना है कि उसने दरोगा की करतूत का खुलासा करते हुए मंगलवार को एसएसपी को संबोधित प्रार्थनापत्र दिया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। इस बीच दरोगा लगातार दबाव बनाता रहा। वह घर पर दबिश देकर गाली-गलौज करने लगा। इससे परेशान होकर शनिवार को उसने रुपया मांगने का ऑडियो वायरल कर दिया।
ऊपर तक जाती है रकम, मेरे हिस्से में सिर्फ 15000 बचेगा दरोगा अनिल अवस्थी ने अय्यूब से मांगे गए रुपयों को ऊपर तक भेजने की बात कही। उसने कहा कि एक लाख रुपये में से उच्च अधिकारियों को भी हिस्सा जाएगा। उसके हिस्से में सिर्फ 15 हजार रुपया ही बचेगा।
अय्यूब का कहना है कि दरोगा अनिल अवस्थी ने आठ नवंबर को उसे फोन कर दुबग्गा चौराहे पर मिलने के लिए बुलाया। उसने थाने में मिलने की बात कही तो दरोगा ने मना कर दिया। पीड़ित दुबग्गा चौराहे पहुंचा, जहां दरोगा ने रुपया देने का दबाव डाला। अय्यूब ने कहा कि दर्ज मामला फर्जी है और हाईकोर्ट से गिरफ्तारी पर रोक का आदेश भी है।
इस पर दरोगा ने कहा कि हाईकोर्ट को भूल जाओ, वह अग्रिम आदेश का इंतजार नहीं करेगा। रुपये का इंतजाम करो वरना जल्द गिरफ्तारी की जाएगी। उसने अय्यूब को तीन दिन की मोहलत दी थी। अय्यूब का यह भी कहना है रुपया देने में असमर्थता जताने पर दरोगा ने उसे चौराहे पर ही लात-घूसों से पीटा और जेब में रखे 2750 रुपये निकाल लिए।
पूर्व विवेचक पर भी 20 हजार रुपये वसूलने का आरोप
अय्यूब ने बताया कि दरोगा अनिल अवस्थी से पहले मुकदमे की विवेचना दरोगा साबिर अली कर रहे थे। उन्होंने भी अंतिम रिपोर्ट लगाने के नाम पर 20 हजार रुपया मांगा था। अय्यूब ने मुकदमा फर्जी होने की बात कही पर दरोगा नहीं माने। मजबूरी में उसे दरोगा को रुपया देना पड़ा। कुछ दिन पहले साबिर अली से विवेचना लेकर अनिल अवस्थी को सौंपी गई तो वह भी रुपया देने का दबाव बनाने लगा।