फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Lucknow : छात्रवृत्ति घोटाले में ईडी को कॉलेजों से जुड़े दो ट्रस्ट के बारे में लगा पता, संचालकों के 50 खाते

Mon, 27 Feb 2023 08:02 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

छात्रवृत्ति घोटाले की जांच में फर्रुखाबाद में डॉ. ओमप्रकाश गुप्ता एजूकेशन एंड सोशल वेलफेयर ट्रस्ट संचालित होने की जानकारी मिली है। इस ट्रस्ट के जरिए मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट, फार्मेसी कॉलेज, स्कूल ऑफ एजूकेशन बीटीसी संचालित किया जा रहा है।
विज्ञापन
प्रवर्तन निदेशालय। - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

छात्रवृत्ति घोटाले की जांच कर रहे प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को कॉलेजों से जुड़े दो ट्रस्ट के बारे में पता चला है जिनकी घोटाले में भूमिका के प्रमाण तलाशने शुरू कर दिए गये है। ईडी ने दोनों ट्रस्ट के साथ कॉलेज संचालकों के राष्ट्रीयकृत और निजी बैंकों के 50 से ज्यादा खातों की जानकारी भी तलब की है। इस संबंध में बैंकों को पत्र लिखकर बीते पांच वर्ष के दौरान खातों से हुए लेन-देन का स्टेटमेंट देने को कहा है।

विज्ञापन


सूत्रों के मुताबिक छात्रवृत्ति घोटाले की जांच में फर्रुखाबाद में डॉ. ओमप्रकाश गुप्ता एजूकेशन एंड सोशल वेलफेयर ट्रस्ट संचालित होने की जानकारी मिली है। इस ट्रस्ट के जरिए मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट, फार्मेसी कॉलेज, स्कूल ऑफ एजूकेशन बीटीसी संचालित किया जा रहा है। लखनऊ के एसएस इंस्टीट्यूट ऑफ मैनजमेंट का संचालन एसएस एजूकेशनल ट्रस्ट कर रहा है। इसी तरह लखनऊ के सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी का संचालन ऑरेगॉन एजूकेशनल सोसाइटी के जरिए किया जा रहा है। ईडी ने इन सभी के बैंक खातों में हुए लेन-देन का ब्योरा तलब किया है।

इन बैंकों को भेजा पत्र
ईडी के अधिकारियों ने डॉ. ओमप्रकाश गुप्ता ग्रुप द्वारा संचालित दो दर्जन से ज्यादा बैंक खाताें की जानकारी मांगी है। इसी तरह एसएस इंस्टीटयृट ऑफ मैनेजमेंट के 12 खाताें, सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट के पांच खातों, हाइजिया ग्रुप के चार खातों, भीमराव अंबेडकर फाउंडेशन के आधा दर्जन से अधिक खातों और हरदोई के जीविका इंस्टीट्यूट ऑफ फॉर्मेसी के तीन खातों की जानकारी मांगी गयी है। इस बारे में ईडी ने बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ बड़ौदा, आर्यावत बैंक, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, आईसीआईसीआई, पंजाब नेशनल बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया आदि को पत्र लिखा है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें