फ्लैट मालिकों को एलडीए नहीं मानेगा विस्थापित: अपार्टमेंट तोड़े जाने से जो फ्लैट मालिक बेघर होंगे उनको एलडीए विस्थापित नहीं मानेगा। इसलिए किसी तरह का आवास या फ्लैट नहीं दिया जाएगा। फ्लैट मालिक बिल्डर से ही इसकी मांग कर सकते हैं। अभी बिल्डर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के बजाय एलडीए अपार्टमेंट गिराने की तैयारी कर रहा है।
बनाई जा रही दागी इंजीनियरों की सूची: अपार्टमेंट में हुए अवैध निर्माण के लिए जिम्मेदार अभियंताओं और अधिकारियों का पता लगाने के लिए एलडीए ने जांच शुरू कर दी गई है। एलडीए वीसी प्रथमेश कुमार ने बताया कि संबंधित जोनल अधिकारी से अवैध निर्माण के दौरान तैनात रहे अभियंताओं की सूची मांगी गई है।
यह है मामला : गोलागंज के बारूदखाना में मंगलवार सुबह तेज आवाज के साथ एसए अपार्टमेंट का पिलर टूट गया। बिल्डिंग के हिलने पर अंदर मौजूद लोगों को भूकंप आने की आशंका हुई। इसके बाद लोग परिवार समेत अपार्टमेंट से भागकर बाहर निकले। घटना की सूचना पुलिस और प्रशासन को दी गई। इसके बाद एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीम बुलाई गई। बिल्डिंग से 25 परिवारों को बाहर निकाला गया। सुरक्षा के लिहाज से अपार्टमेंट के 50 मीटर के दायरे का इलाका सील कर दूसरी बिल्डिंग भी खाली कराई गई थी। यह तो गनीमत रही कि कोई हादसा नहीं हुआ वरना कई जान चली जाती। सुरक्षा के लिहाज से एलडीए की ओर बिल्डिंग को मजबूती देने का काम कराया जा रहा है ताकि बिल्डिंग अचानक भराभरा कर ढह न जाए और फ्लैट मालिक सामान निकाल सकें।
फ्लैट मालिक दर्ज करा सकते हैं प्राथमिकी : इस मामले में अभी तक किसी भी फ्लैट मालिक ने तहरीर नहीं दी है। नियम के तहत फ्लैट मालिक बिल्डर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करा सकते हैं। खास बात यह है कि बिल्डर का अभी तक सुराग नहीं लग सका है। घटना के बाद से बिल्डर के दफ्तर में काम करने वाले कर्मचारी भी भूमिगत हैं। उधर, वजीरगंज इंस्पेक्टर राजेश त्रिपाठी का कहना है कि अगर कोई तहरीर मिलती है तो प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अपार्टमेंट को पूरी: एलडीए वीसी प्रथमेस कुमार का कहना है कि 6 तरह ध्वस्त किया जाएगा। इसके लिए नोटिस जारी किया जाएगा। अपार्टमेंट का निर्माण घटिया है ऐसे में इसमें शमन या मरम्मत की मोहलत नहीं दी जाएगी।