फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लखनऊ: ध्वस्त होगा अवैध एसए अपार्टमेंट, नए सिरे से जारी होगा नोटिस, घटिया निर्माण के आरोप में चलेगा बुलडोजर

Wed, 30 Sep 2026 10:09 AM IST
Ishwar Ashish Bhartiya अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

मामले में बिल्डर को नए सिरे से जारी नोटिस में 15 दिन का समय सुनवाई के लिए मिलेगा। इस दौरान बिल्डर अपना पक्ष रख सकेगा। यदि बिल्डर खुद अपार्टमेंट नहीं तोड़ता है तो एलडीए नोटिस का समय पूरा होने के बाद इसे ध्वस्त कर देगा।
विज्ञापन
अपार्टमेंट में जैक लगाकर हो रहा काम। - फोटो : ai image
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

गोलागंज के बारूदखाना में स्थित छह मंजिला अवैध एसए अपार्टमेंट को पूरी तरह ध्वस्त किया जाएगा। पिलर टूटने के बाद छह मंजिला यह अपार्टमेंट कभी भी भरभराकर गिर सकता है। निर्माण की गुणवत्ता इतनी घटिया है कि इसमें शमन (कंपाउंडिंग) का विकल्प भी नहीं बचा है। ऐसे में अलीगंज अग्निकांड वाली इमारत की तर्ज पर एलडीए ने पूरी इमारत को ही गिराने का फैसला किया है।

विज्ञापन


एलडीए ध्वस्तीकरण के लिए बिल्डर को नए सिरे से नोटिस जारी करेगा। एलडीए वीसी प्रथमेश कुमार ने बताया कि एसए अपार्टमेंट का नक्शा वर्ष 2009 में पास हुआ था परंतु इसकी निर्माण गुणवत्ता बेहद घटिया पाई गई है। इस कारण यह बिल्डिंग रहने के लिए सुरक्षित नहीं है। पहले जारी ध्वस्तीकरण आदेश केवल अवैध रूप से अपार्टमेंट की छत पर बनाए जा रहे पेंट हाउस के लिए था। अब पूरे अपार्टमेंट को ध्वस्त करने की कार्रवाई की जाएगी।

ये भी पढ़ें - यूपी एमएलसी चुनाव: भाजपा ने चला ब्राह्मण दांव, साधे एक तीर से कई निशाने; यूजीसी मुद्दे को बैलेंस करने की कोशिश
विज्ञापन


ये भी पढ़ें - यूपी: प्रदेश के दोनों संभागों से मिले मानसून की विदाई के संकेत, पछुआ हवा चलने से मिली ठंड की आहट; जानिए पूर्वानुमान


उन्होंने बताया कि बिल्डर को नए सिरे से जारी नोटिस में 15 दिन का समय सुनवाई के लिए मिलेगा। इस दौरान बिल्डर अपना पक्ष रख सकेगा। यदि बिल्डर खुद अपार्टमेंट नहीं तोड़ता है तो एलडीए नोटिस का समय पूरा होने के बाद इसे ध्वस्त कर देगा। अवैध निर्माण के शमन का विकल्प भी यहां नहीं चलेगा। सड़क चौड़ी होने के बावजूद घटिया निर्माण के कारण यह विकल्प मान्य नहीं होगा। पूरा अपार्टमेंट तोड़ना ही पड़ेगा।

फैक्ट फाइल
- छह मंजिला अपार्टमेंट में कुल 24 फ्लैट हैं। इसका नक्शा 2009 में पास हुआ था।
- बिल्डर वकील अहमद ने साथी शहाबुद्दीन के साथ मिलकर वर्ष 2011 में अपार्टमेंट बनवाया था।
- करीब 3000 वर्ग फीट जमीन पर अपार्टमेंट बना है।

घरों का सामान निकालने के लिए हो रहे इंतजाम : इमारत को तत्काल गिरने से बचाने के लिए एलडीए की ओर से एक विशेष टीम लगाई गई है। यह टीम मंगलवार रात से ही इमारत के भूतल पर काम कर रही है। जहां दीवार बनी है वहां छत और दीवार के बीच और जहां दीवार नहीं है वहां मोटी दीवार बनाकर जैक लगाए जा रहे हैं। मंगलवार तक टीम करीब 80 से 90 जैक लगा चुकी थी। टीम में काम कर रहे एक कर्मचारी ने बताया कि बिल्डिंग को संभालने के लिए करीब 200 से 250 जैक लगाने पड़ेंगे। इसके बाद ही बिल्डिंग के ढहने का खतरा टलेगा। इसके बाद यहां रहने वाले लोग अपने फ्लैट में जाकर अपना सामान निकाल पाएंगे। इस पूरे काम में करीब एक से डेढ़ महीने का समय लगेगा।

विज्ञापन

फ्लैट मालिकों को एलडीए नहीं मानेगा विस्थापित

फ्लैट मालिकों को एलडीए नहीं मानेगा विस्थापित: अपार्टमेंट तोड़े जाने से जो फ्लैट मालिक बेघर होंगे उनको एलडीए विस्थापित नहीं मानेगा। इसलिए किसी तरह का आवास या फ्लैट नहीं दिया जाएगा। फ्लैट मालिक बिल्डर से ही इसकी मांग कर सकते हैं। अभी बिल्डर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के बजाय एलडीए अपार्टमेंट गिराने की तैयारी कर रहा है।

बनाई जा रही दागी इंजीनियरों की सूची: अपार्टमेंट में हुए अवैध निर्माण के लिए जिम्मेदार अभियंताओं और अधिकारियों का पता लगाने के लिए एलडीए ने जांच शुरू कर दी गई है। एलडीए वीसी प्रथमेश कुमार ने बताया कि संबंधित जोनल अधिकारी से अवैध निर्माण के दौरान तैनात रहे अभियंताओं की सूची मांगी गई है।

यह है मामला : गोलागंज के बारूदखाना में मंगलवार सुबह तेज आवाज के साथ एसए अपार्टमेंट का पिलर टूट गया। बिल्डिंग के हिलने पर अंदर मौजूद लोगों को भूकंप आने की आशंका हुई। इसके बाद लोग परिवार समेत अपार्टमेंट से भागकर बाहर निकले। घटना की सूचना पुलिस और प्रशासन को दी गई। इसके बाद एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीम बुलाई गई। बिल्डिंग से 25 परिवारों को बाहर निकाला गया। सुरक्षा के लिहाज से अपार्टमेंट के 50 मीटर के दायरे का इलाका सील कर दूसरी बिल्डिंग भी खाली कराई गई थी। यह तो गनीमत रही कि कोई हादसा नहीं हुआ वरना कई जान चली जाती। सुरक्षा के लिहाज से एलडीए की ओर बिल्डिंग को मजबूती देने का काम कराया जा रहा है ताकि बिल्डिंग अचानक भराभरा कर ढह न जाए और फ्लैट मालिक सामान निकाल सकें।

फ्लैट मालिक दर्ज करा सकते हैं प्राथमिकी : इस मामले में अभी तक किसी भी फ्लैट मालिक ने तहरीर नहीं दी है। नियम के तहत फ्लैट मालिक बिल्डर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करा सकते हैं। खास बात यह है कि बिल्डर का अभी तक सुराग नहीं लग सका है। घटना के बाद से बिल्डर के दफ्तर में काम करने वाले कर्मचारी भी भूमिगत हैं। उधर, वजीरगंज इंस्पेक्टर राजेश त्रिपाठी का कहना है कि अगर कोई तहरीर मिलती है तो प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

अपार्टमेंट को पूरी: एलडीए वीसी प्रथमेस कुमार का कहना है कि 6 तरह ध्वस्त किया जाएगा। इसके लिए नोटिस जारी किया जाएगा। अपार्टमेंट का निर्माण घटिया है ऐसे में इसमें शमन या मरम्मत की मोहलत नहीं दी जाएगी। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें