गुडंबा के दसौली गांव में बुधवार शाम दिल दहला देने वाली घटना घटी। सिरफिरे अंकुर ने आपसी विवाद के चलते सात माह की गर्भवती पत्नी नीलम (22) पर बांके से हमला कर दिया। हमले में उनका बायां हाथ कोहनी से अलग हो गया। अंकुर की मां फूलमती बहू को बचाने दौड़ी तो आरोपी ने मां पर भी हमला कर दिया। स्थानीय लोगों ने अंकुर को पकड़ कर पुलिस के हवाले कर दिया। घायल दोनों महिलाओं को पुलिस ने ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया, जहां नीलम की मौत हो गई। उनके गर्भ में पल रहे बच्चे की भी जान चली गई। फूलमती का इलाज चल रहा है।
गुडंबा के दसौली गांव निवासी राम सिंह के मकान में मूल रूप से बाराबंकी के फतेहपुर निवासी आरोपी अंकुर दो माह से परिवार संग किराये पर रहता है। राम सिंह के मुताबिक बुधवार को विश्वकर्मा पूजा के मौके पर उन्होंने घर के सामने भंडारे का आयोजन किया था। गांव के सभी लोग उसमें शामिल थे। शाम चार पांच बजे भंडारे में अंकुर ने लोगों को प्रसाद बांटा। उसके सौतेले पिता दिनेश, छोटा भाई आकाश, बहन चांदनी और मां फूलमती अपने एक कमरे में थे। दूसरे कमरे में सात माह की गर्भवती पत्नी नीलम लेटी थीं। इस बीच आरोपी पत्नी के कमरे में पहुंचा। किसी बात को लेकर दोनों में विवाद हो गया। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपी अंकुर ने पास में रखा बांका उठाया और पत्नी पर ताबड़तोड़ कई वार कर दिए। नीलम का दाहिना हाथ कोहनी से कटकर लटक गया और शरीर पर कई जगह गंभीर चोट लगी।
प्रसाद बना रहे लोगों ने बचाई फूलमती की जान
एक साल पहले हुई थी दोनों की शादी
बहन चांदनी ने बताया कि अंकुर व नीलम की एक साल पहले ही शादी हुई थी। नीलम का मायका भी बाराबंकी के फतेहपुर में है। अंकुर का पत्नी से कुछ मनमुटाव चल रहा था। इसी के चलते उसने वारदात को अंजाम दिया। बहन ने बताया कि भाई अंकुर भी मजदूरी करता है। एसीपी गाजीपुर ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। घटना में इस्तेमाल किया गया बांका भी बरामद हुआ है।