गंगा गोमती एक्सप्रेस की बोगियों में जब यात्रियों को घुसने का अवसर नहीं मिला। तब कई यात्री गार्ड कोच में जाकर बैठ गए। ऐसे में गार्ड के आने पर यात्री बैठे दिखे। गार्ड ने मौके पर जीआरपी व आरपीएफ जवानों को बुलाकर कोच खाली करवाया गया, जिसके बाद गार्ड ने अपना कामकाज संभाला।
ट्रेनों में भारी भीड़।
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महिला कोच की हालत ऐसी रही कि पुरुषों ने उन्हें बोगियों में प्रवेश का अवसर तक नहीं दिया। भीड़ के चलते कई महिलाएं बोगी से बाहर ही रह गईं। मौके पर जवान पहुंचे, कुछ महिलाओं को सीटों पर बिठाया। दिव्यांग बोगियों पर भी भीड़ काबिज हो गई। हालातों को बेहतर बनाने में जीआरपी-आरपीएफ असफल ही साबित हुई।
लखनऊ से प्रयागराज जाने वाले यात्रियों की सुविधा के लिए रोडवेज प्रशासन की ओर से 185 अतिरिक्त बसों की ड्यूटी लगाई गई थी। ऐसे में जिन यात्रियों को ट्रेनों में जगह नहीं मिली। वे आलमबाग टर्मिनल से बसों के जरिए प्रयागराज गए। व्यवस्थाओं को बनाए रखने के लिए अफसर व कर्मचारी मौके पर तैनात रहे, जिससे यात्रियों को कम असुविधाएं हुईं।