इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने बाराबंकी में रेत नदी और जमुरिया नाले की तलहटी में हुए अतिक्रमण पर संज्ञान लिया है। न्यायमूर्ति देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति श्रीप्रकाश सिंह की बेंच ने महंत भगवती प्रताप दास की जनहित याचिका पर एसडीएम नवाबगंज से अतिक्रमण हटाने के लिए की गई कार्रवाई संबंधी रिपोर्ट 22 सितंबर को पेश करने का आदेश दिया है। इससे पहले राज्य सरकार की ओर से कोर्ट को बताया गया था कि अतिक्रमण हटाने के लिए पहले ही एक कमेटी का गठन कर दिया गया है।
याची का कहना था कि रेत नदी और जमुरिया नाले पर लोगों ने अतिक्रमण कर रखा है और प्रशासन से बार-बार शिकायत करने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। मामले में कोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब मांगा। इस पर सरकारी वकील ने कोर्ट को बताया कि एसडीएम नवाबगंज ने तहसीलदार नवाबगंज की अध्यक्षता में वहां की नगर पालिका परिषद के अधिकारियों और अन्य विभागों के कार्मिकों को मिलाकर एक टीम बना दी है। टीम अतिक्रमण हटाने का कमा कर रही है।
ऐसे में कोर्ट ने एसडीएम नवाबगंज को निर्देश दिया है कि वह अगली तारीख पर व्यक्तिगत हलफनामा दायर कर बताएं कि अतिक्रमण हटाने के लिए क्या कार्रवाई की गई है।