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लखनऊ: सहारा सिटी पर नगर निगम के कब्जे को लेकर हाईकोर्ट ने मांगा जवाब, कैंपस के जानवर होंगे शिफ्ट

Wed, 08 Oct 2025 08:52 PM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

Sahara City in controversy: लखनऊ की चर्चित सहारा सिटी पर नगर निगम के कब्जे हाईकोर्ट में आज सुनवाई हुई। इस मामले में कोर्ट ने नगर निगम से जवाब मांगा है। 
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सहारा सिटी की संपत्ति। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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सहारा शहर पर लखनऊ नगर निगम की कार्रवाई के खिलाफ सहारा इंडिया कॉमर्शियल कॉर्पोरेशन लिमिटेड की याचिका पर हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ में बुधवार को सुनवाई हुई। इस दौरान हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने मामले में विचार की जरूरत की बात कही। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और नगर निगम से 30 अक्तूबर तक मामले में जवाब तलब किया है। सहारा ने नगर निगम द्वारा सहारा शहर में लीज पर दी गई जमीनों और उन पर बनी संपत्तियों में हस्तक्षेप को चुनौती दी है।

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साथ ही हाईकोर्ट ने सहारा शहर के भीतर मौजूद मवेशियों को कान्हा उपवन ले जाने और समुचित देखभाल करने का आदेश दिया है। न्यायमूर्ति संगीता चंद्रा और न्यायमूर्ति अमिताभ कुमार राय की खंडपीठ के समक्ष सहारा की याचिका पर बुधवार को सुनवाई हुई। याचिका में नगर निगम की ओर से 8 और 11 सितंबर 2025 को जारी किए गए आदेशों को रद्द करने का आग्रह किया गया है। सहारा ने याचिका में कहा है कि इस मामले में सिविल कोर्ट में पहले से ही स्थगन आदेश लागू है। इसके अलावा, आर्बिट्रेशन की कार्यवाही में भी नगर निगम को सहारा के पक्ष में लीज एग्रीमेंट बढ़ाने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन नगर निगम ने इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया।

कंपनी का यह भी आरोप है कि कार्रवाई करने से पहले उसे सुनवाई का उचित अवसर नहीं दिया गया। याचिका के अनुसार, नगर निगम ने 22 अक्टूबर 1994 और 23 जून 1995 को गोमतीनगर में सहारा को जमीन पट्टे पर दी थी। सहारा ने इन जमीनों पर 2480 करोड़ रुपये की लागत से 87 आवासीय और वाणिज्यिक संपत्तियां विकसित की हैं। सहारा की ओर से कोर्ट में कहा गया कि उन्हें विहित प्रक्रिया न अपनाकर, सुनवाई का पूरा मौका दिए बगैर कार्रवाई की गई है। वहीं, नगर निगम की ओर से कहा गया कि 1994 की लीज की शर्तों का उल्लंघन करने पर ही कार्रवाई की गई है। कहा कि 2020 और 2025 में नोटिस देने के बाद ही निर्धारित प्रक्रिया के तहत सुनवाई का मौका देकर मामले में सीलिंग की कार्रवाई की गई।

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