कोरोना के बढ़ते मामले देख स्वास्थ्य विभाग ने कैसरबाग और सदर इलाके पर निगरानी तेज कर दी है। दोनों इलाकों में स्क्रीनिंग के लिए 40-40 टीमें लगा दी गई हैं। ये घर-घर जाकर लोगों का हाल ले रही हैं। इस दौरान कहीं समस्या पाए जाने पर टीम फिर तीन दिन बाद परिवार की स्क्रीनिंग करेगी। वहीं, सदर में एक बार फिर सैंपल लेने की कवायद भी शुरू कर दी गई है।
स्वास्थ्य विभाग ने 24 अप्रैल के बाद सदर में सैंपलिंग बंद कर दी थी। यहां सर्वे में लगी टीमों को भी दूसरे इलाके में लगा दिया गया था। हालांकि, 11 और 13 मई को एक-एक और 14 मई को दो मरीज मिलने के बाद एक बार फिर यह इलाका विभाग के टारगेट पर आ गया है।
शुक्रवार तक यहां मरीजों की संख्या 101 हो गई तो फिर सैंपल लेने की कवायद शुरू की गई। लक्षण के आधार पर सात लोगों के सैंपल लिए गए। सर्वे में लगी टीमों ने करीब तीन हजार परिवारों से संपर्क किया। इनमें किसी को सर्दी-जुकाम, बुखार या कोई अन्य समस्या है तो उसका ब्यौरा भी लिखा जा रहा है। इसके जरिये तीसरे दिन संबंधित परिवार का आकलन होगा। यदि उनके लक्षण कोरोना से मिलते हैं तो जांच के बाद सैंपल लिया जाएगा।
कैसरबाग में ज्यादा बरत रहे सावधानी
सदर से कहीं ज्यादा सावधानी कैसरबाग में बरती जा रही है। इलाके में अब तक 61 मरीज मिल चुके हैं, जबकि अब तक 866 लोगों के सैंपल लिए जा चुके हैं। कैसरबाग सब्जी मंडी के बगल में स्थित मछली मोहाल में 12 मरीज मिल चुके हैं और यहां 500 की सैंपलिंग हो चुकी है।
शुक्रवार को चार नए मरीज सामने आने के बाद विभाग ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। यहां भी 40 टीमें नियमित रूप से स्क्रीनिंग करेंगी। ये टीमें जो पॉजिटिव पाए गए हैं, उनके घर और आसपास के लोगों की लगातार स्क्रीनिंग कर डाटा शीट तैयार करेंगे। इसमें परिवार के हर सदस्य की बीमारी के संबंध में जानकारी रखी जाएगी। ऐसे में किसी में कोरोना के लक्षण पाए जाते हैं तो तत्काल चिकित्सकीय टीम उसकी स्क्रीनिंग कर जांच करेगी। इसके अलावा उड़ाका दल की पांच टीमें भी इस इलाके में सक्रिय रहेंगी। यदि सैंपलिंग में कोई पॉजिटिव मिलेगा तो यह टीम उस इलाके में सक्रिय हो जाएगी।
अन्य इलाके में छिटपुट होगी स्क्रीनिंग
स्वास्थ्य विभाग ने अन्य इलाकों में भी छिटपुट स्क्रीनिंग और सैंपल लेने की रणनीति बनाई है। खदरा, गोमतीनगर विस्तार, डालीगंज नक्खास, मोतीझील, नयागांव आदि इलाकों में दो से तीन टीमें पॉजिटिव मिले मरीजों के परिवार और पड़ोसियों की जानकारी लेती रहेंगी। इन इलाकों में कार्यरत आशा कार्यकर्ता को भी जानकारी रखने के निर्देश दिए गए हैं। अब इन इलाके में किसी में लक्षण पाए जाने के बाद ही सैंपलिंग कराई जा रही है।
इंजीनियर के पड़ोसियों के लिए गए सैंपल
गोमतीनगर के विराम खंड निवासी इंजीनियर के परिवार के तीन लोगों के पॉजिटिव पाए जाने के बाद आसपास रहने वालों के भी शुक्रवार को सैंपल लिए गए। सुबह नौ बजे पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम ने इंजीनियर के मकान से सटे पांच मकानों से 20 लोगों के नमूने जांच को भेजे।
इसके अलावा 500 परिवारों की स्क्रीनिंग की गई। इसमें जानकारी जुटाई गई कि क्या वे इंजीनियर परिवार के संपर्क में थे या नहीं। ज्यादातर लोगों ने इससे इनकार किया है। वहीं, इन लोगों में किसी तरह के लक्षण भी नहीं मिले हैं। फिर भी सभी को सावधान रहने के निर्देश दिए गए हैं। यह भी कहा गया कि किसी भी तरह की दिक्कत होने पर तत्काल टीम को सूचना देंगे। इसके बाद इनकी सैंपलिंग कराई जाएगी।
रिपोर्टर के आधार पर करेंगे कार्रवाई
कैसरबाग और सदर में फिर स्क्रीनिंग शुरू करा दी गई है। सैंपल भी लिए जा रहे हैं। वहीं, इंजीनियर परिवार से संपर्क रखने वाले 20 लोगों के नमूने जांच को भेजे गए हैं। रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई होगी।
डॉ. नरेंद्र अग्रवाल, सीएमओ