नर्सिंग होम, रेस्टोरेंट की तरह ही अब जिम, स्पा, कोचिंग सेंटर, शोरूम, टी स्टॉल सहित 20 अन्य तरह के प्रतिष्ठानों को नगर निगम से लाइसेंस लेना होगा। इसका प्रस्ताव तैयार हो गया है जिसमें शुल्क भी तय कर दिया गया है। अब नियमावली बनाकर इसे नए वित्तीय वर्ष यानि एक अप्रैल से लागू करने की तैयारी है। नगर निगम की अभी जितनी आमदनी है, उससे ज्यादा उसे नगरीय जनसुविधाओं पर खर्च करना पड़ता है। ऐसे में आय बढ़ाने के लिए नगर निगम ने अधिनियम के तहत मिले अधिकारों एवं शासन की अनुमति से नए प्रतिष्ठानों को लाइसेंस के दायरे में की तैयारी की है।
नगर निगम अधिनियम के तहत अभी सिर्फ नर्सिंग होम्स, रेस्टोरेंट, होटल, शराब-बीयर की दुकानों, मॉडल शॉप आदि से शुल्क लेकर लाइसेंस जारी किए जाते हैं। ये लाइसेंस एक वर्ष के लिए होते हैं। बिना लाइसेंस प्रतिष्ठान संचालित करने वालों के खिलाफ कार्रवाई भी की जाती है।
इसी प्रकार अब कोचिंग सेंटर, जिम, स्पॉ, पार्लर, ज्वैलरी शोरूम, ब्रांडेड कपड़ों और जूतों के शोरूम चलाने के लिए भी नगर निगम से लाइसेंस लेना अनिवार्य किया जाएगा। जल्द ही इसकी नियमावली तैयार हो जाएगी जिस पर आपत्तियां और सुझाव लेने के बाद इसे लागू किया जाएगा।
प्रतिष्ठान और प्रस्तावित लाइसेंस शुल्क
| जिम (सामान्य) |
4,000 |
| जिम (वातानुकूलित) |
10,000 |
| ब्यूटी पार्लर (सामान्य) |
4,000 |
| ब्यूटी पार्लर (वातानुकूलित) |
8,000 |
| कोचिंग व प्रशिक्षण संस्थान (कक्षा 10 के बाद) |
4,000 |
| चार्टर्ड अकाउंटेंट कार्यालय |
8,000 |
| स्पॉ सेंटर |
6,000 |
| ब्रांडेड ज्वैलरी शोरूम |
20,000 |
| सामान्य ज्वैलरी शॉप |
10,000 |
| ब्रांडेड कपड़ा शोरूम |
8,000 |
| ब्रांडेड जूता शोरूम |
8,000 |
| स्पोर्ट्स एकेडमी (एक खेल) |
10,000 |
| स्पोट्स एकेडमी (एक से ज्यादा खेल) |
20,000 |
| बेकरी (फैक्ट्री) |
10,000 |
| टी स्टॉल |
2,000 |
| बिल्डर्स रजिस्ट्रेशन |
20,000 |
| फैब्रीकेटर्स |
5,000 |
| आरा मशीन |
15,000 |
| बिल्डिंग मेटेरियल की दुकान |
10,000 |
| रंग-पेंट की दुकान |
8,000 |
| फर्नीचर की दुकान (नोट: सभी शुल्क सालाना रुपये में) |
6,000 |
अपर नगर आयुक्त अरुण गुप्ता का कहना है कि स्पॉ, कोचिंग, बेकरी आदि को भी लाइसेंस शुल्क के दायरे में लाया जाएगा। इसकी नियमावली अभी नहीं बनी हैं, क्योंकि इन पर पहली बार शुल्क लगाया जाएगा। इसके लिए नियमावली बनाई जा रही है।