जीएसटी पंजीकरण के लिए लंबी प्रक्रिया को खत्म करने का कारोबारियों ने स्वागत किया है। विभाग की नई व्यवस्था के तहत सिर्फ तीन दिन में जीएसटी पंजीकरण जारी कर दिया जाएगा। यह सुविधा उन्हीं व्यापारियों को मिलेगी जिन्होंने आधार आधारित प्रमाणीकरण पूरा कर लिया है।
अब पंजीकरण पूरी तरह ऑनलाइन दस्तावेजों के साथ किया जाएगा। सभी राज्यों को ‘जीएसटी पंजीयन सुविधा केंद्र’ स्थापित करने की अनुमति दे गई है। इन केंद्रों पर व्यापारी बायोमेट्रिक सत्यापन कराकर आसानी से पंजीकरण प्राप्त कर सकेंगे।
जीएसटी में फर्जी पंजीकरण गंभीर समस्या है। हर साल हजारों करोड़ रुपये फर्जी फर्में लूटकर फरार हो रही हैं। नई योजना से फर्जी पंजीकरण पर भी लगाम लगेगी। नई प्रणाली से गलत दस्तावेजों या फर्जी कारोबार के नाम पर होने वाले पंजीकरणों में कमी आएगी। जीएसटी परिषद ने इस संबंध में ‘नियम 14’ के तहत नई व्यवस्था 31 अक्टूबर से लागू कर दी है।
नई पंजीयन व्यवस्था में व्यापारी को आवेदन के समय ‘कॉलम संख्या 4.1’ में ‘हां’ का चयन करना होगा। आधार का ऑटो ओटीपी आधारित प्रमाणीकरण पूरा करना अनिवार्य होगा। योजना के तहत तीन दिन के भीतर जीएसटी पंजीकरण जारी किया जाएगा। यह सुविधा केवल उन व्यापारियों के लिए है जिनका मासिक टैक्स 2.50 लाख रुपये से अधिक है।
...तो वह सीधे नई योजना का लाभ नहीं ले सकेगा
यदि किसी व्यापारी का जीएसटी नंबर रद्द किया गया है, तो वह सीधे नई योजना का लाभ नहीं ले सकेगा। ऐसे मामलों में पहले विभागीय अनुमति लेनी होगी। गलत सूचनाओं या तकनीकी कारणों से पंजीकरण रद्द होने पर आनलाइन जवाब देना होगा। जवाब संतोषजनक मिलने पर ही पंजीकरण बहाल किया जाएगा।
तीन दिन में पंजीकरण मिलने से व्यापारियों की परेशानी घटेगी और ट्रांसपेरेंसी बढ़ेगी। विभाग का दावा है कि नई प्रक्रिया से फर्जीवाड़े पर अंकुश लगेगा और कर संग्रह बेहतर होगा। कारोबारियों को समय की बचत के साथ सरल और सुरक्षित पंजीकरण प्रणाली का लाभ मिलेगा।
30 नवंबर तक करें दावा
वर्ष 2024-25 की छूट गई इनपुट टैक्स क्रेडिट का दावा करना कारोबारी करना मूल गए हैं, उनके पास 30 नवम्बर तक का समय है। माह अक्तूबर का जीएसटीआर-3बी दाखिल करने का समय 20 नवंबर तक है। अन्यथा छूट गई इनपुट टैक्स क्रेडिट का दावा अब विधिक रूप से मान्य नहीं होगा। यदि कारोबारी इस समय सीमा के बाद आगे इनपुट टैक्स क्रेडिट का दावा करेंगे। तब जीएसटी विमाग उनके खिलाफ टैक्स, ब्याज एवं अर्थदण्ड वसूलने की कार्यवाही करेगा।