उच्च शिक्षा के शिक्षकों को कैशलेस चिकित्सा की दी जाए सुविधा
प्रदेश में बेसिक व माध्यमिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों, शिक्षणेत्तर कर्मचारियों व उनके आश्रितों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने पर कैबिनेट ने मुहर लगा दी है। किंतु इससे उच्च शिक्षा विभाग के शिक्षक वंचित रह गए हैं। अब इसे लेकर विरोध के स्वर तेज हो गए हैं। शिक्षक संगठनों ने उच्च शिक्षा मंत्री व मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर इसमें शामिल न करने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
उत्तर प्रदेश विश्वविद्यालय महाविद्यालय शिक्षक संघ (फुफुक्टा) के प्रदेश अध्यक्ष प्रो. वीरेंद्र सिंह चौहान व महामंत्री प्रो. प्रदीप सिंह ने कहा कि 05 सितंबर 2025 को मुख्यमंत्री ने घोषणा की थी कि प्रदेश के सभी शिक्षकों को 5 लाख तक कैशलेस चिकित्सा सुविधा दी जाएगी। किंतु कल हुई कैबिनेट में प्रदेश के प्राथमिक व माध्यमिक के शिक्षकों को ही यह सुविधा देने की घोषणा की गई।
उन्होंने कहा है कि उच्च शिक्षा विभाग के शिक्षकों को छोड़ देना उनके साथ भेदभावपूर्ण निर्णय है। इसकी वजह से उच्च शिक्षा के शिक्षक खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं। उन्होंने मांग की कि मुख्यमंत्री अपने वादे को पूरा करते हुए कैशलेस चिकित्सा का लाभ उच्च शिक्षा के शिक्षकों को भी देने का काम करें। अन्यथा संघ न्याय के लिए आंदोलन को बाध्य होगा।