अंसल एपीआई कंपनी की शहीद पथ स्थित सुशांत गोल्फ सिटी हाईटेक टाउनशिप के 2747 भूखंडों की रजिस्ट्री एलडीए निरस्त नहीं करेगा। इससे उन आवंटियों को बड़ी राहत मिली है जिन्हें अपनी रजिस्ट्री निरस्त होने की चिंता सता रही थी। एलडीए ने घर खरीदारों के हितों को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया है। शासन ने 15 सितंबर को हुई कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी।
एलडीए वीसी प्रथमेश कुमार ने बताया कि अंसल प्रॉपर्टी इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड ने एलडीए के पास कुल 3489 भूखंड गारंटी के तौर पर बंधक रखे थे। टाउनशिप की शर्तों के अनुसार ये भूखंड इसलिए बंधक थे ताकि अंसल यदि कार्य न करे तो एलडीए उन्हें बेचकर कॉलोनी का विकास कर सके। नियमानुसार बंधक भूखंडों को एलडीए की अनुमति के बिना बेचा नहीं जा सकता था। कंपनी ने धोखाधड़ी से इनमें से कुछ भूखंड काटकर बेच दिए थे। रजिस्ट्री निरस्त होने से आवंटी अधर में फंस जाते। इसलिए एलडीए ने भूखंडों को अवमुक्त करने का प्रस्ताव शासन को भेजा था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इसे मंजूरी मिली।
पूरी की जाएगी पूर्णता प्रमाण पत्र की प्रक्रिया
एलडीए वीसी ने बताया कि एलडीए को अंसल के विकसित क्षेत्र में पूर्णता प्रमाण पत्र (कंप्लीशन सर्टिफिकेट) जारी करने की अनुमति मिल गई है। इससे बंधक भूखंडों को अवमुक्त करने का रास्ता साफ हो गया है। टाउनशिप के अर्ध विकसित और अविकसित क्षेत्रों का विकास कार्य एलडीए पूरा कराएगा। सेक्टर अथवा पॉकेट-वाइज पूर्णता प्रमाण पत्र जारी करते हुए बंधक भूखंड अवमुक्त किए जाएंगे। यदि कोई भू-स्वामी अपनी बंधक भूमि अवमुक्त कराना चाहता है, तो उसे एलडीए बोर्ड निर्धारित शुल्क के बराबर गारंटी राशि प्राधिकरण में जमा करनी होगी। विकास कार्य पूरा होने पर यह गारंटी राशि वापस कर दी जाएगी।
नगर निगम-आवास विकास की जमीन भी होगी विनियमित
अंसल एपीआई का विवाद समाप्त होने से नगर निगम और आवास विकास परिषद की करीब 200 एकड़ जमीन का विवाद भी खत्म होगा। इन विभागों की जमीन पर अंसल द्वारा काटे गए प्लॉट भी नियमित हो सकेंगे। शासन इन ग्राम समाज वाली जमीनों को विनियमित कर एलडीए को सौंप देगा। कैबिनेट की मंजूरी के बाद अब शासनादेश भी जारी होने वाला है। 15 सितंबर को कैबिनेट प्रस्ताव पास होने के बाद जारी सूचना में यह स्पष्ट किया गया था। बंधक पड़ी भूमि और ग्राम समाज की जमीन सीधे एलडीए के पक्ष में विनियमित होगी जिससे सरकारी जमीन सुरक्षित रहेगी।
कैबिनेट में पास हुआ प्रस्ताव
हाईटेक टाउनशिप नीति के तहत स्वीकृत परियोजना को एलडीए पूरा करेगा। इसके बाद परियोजना को पूर्ण करने का प्रस्ताव एनसीएलटी के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। टाउनशिप पर संभावित देनदारी करीब 2,912 करोड़ रुपये बताई जा रही है। वास्तविक देनदारी इंसॉल्वेंसी रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल (आईआरपी) प्रक्रिया से निर्धारित होगी। विशेष सचिव आवास राजेश कुमार राय ने बताया कि सरकारी अभिकरण से परियोजना पूरी होने पर करीब 5,000 घर खरीदारों की समस्या हल होगी।